#विविध

July 4, 2026

हिमाचल में जॉब ट्रेनी के लिए नए नियम : EWS से बाहर होंगे कर्मी, मिलेगी 15 दिन की पितृत्व लीव

15 दिन की मिलेगी पितृत्व अवकाश

शेयर करें:

 Himachal Government Job Trainee

शिमला। हिमाचल प्रदेश सरकार ने ट्रेनी और जॉब ट्रेनी कर्मचारियों को बड़ी राहत दी है। सरकार ने पहली बार ट्रेनी और जॉब ट्रनी कर्मचारियों के लिए  पितृत्व अवकाश (पैटरनिटी लीव) का प्रावधान किया है। कार्मिक विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार, दो बच्चों तक के पुरुष ट्रेनी और जॉब ट्रेनी इस सुविघा का लाभ ले सकेंगे। 

15 दिन की मिलेगी पितृत्व अवकाश

नई अधिसूचना के अनुसार, पात्र कर्मचारी पत्नी के प्रसव के अवसर पर 15 दिन का पितृत्व अवकाश ले सकेंगे। यह अवकाश बच्चें के जन्म से 15 दिन पहले या जन्म के 6 महीने के भीतर किसी भी समय लिया जा सकेगा। लंबे समय से इस सुविधा की मांग की जा रही थी, जिस पर अब सरकार ने अंतिम फैसला लिया है। 

 

यह भी पढ़ें : हिमाचल में टीचरों की डबल ड्यूटी: पहले स्कूल में पढ़ाना होगा, फिर जनगणना का भी जिम्मा

जॉइनिंग अवधि बढ़ाने के भी बने हैं नियम 

राज्य सरकार ने ट्रेनी और जॉब ट्रेनी कर्मचारियों की जॉइनिंग अवधि बढ़ाने को लेकर भी नियम तय किए हैं। यदि चयनित अभ्यर्थी विशेष परिस्थितियों में समय पर ज्वाइन नहीं कर पाते हैं, तो उनके आवेदन पर 9 सिंतबर 2016 के दिशा-निर्देशों के तरह विचार किया जाएगा। कार्मिक विभाग ने सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों, मंडलीय आयुक्तों, उपायुक्तों और नियुक्ति प्राधिकारियों को इन निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने के आदेश दिए हैं। 

EWS आरक्षण नियमों में भी बदलाव

बता दें कि सरकार ने आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग यानी EWS से जुड़े नियमों में भी संशोधन किया है। अब जॉब ट्रेनी के परिवारों को भी EWS आरक्षण के दायरे से बाहर रखा जाएगा। पहले यह नियम केवल नियमित और अनुबंध कर्मचारियों के परिवारों पर लागू था। 

 

यह भी पढ़ें : मंत्री जगत नेगी और निगम भंडारी विवाद में विक्रमादित्य की एंट्री- एक पोस्ट ने बढ़ाई सियासी हलचल

स्वतंत्रता सेनानियों के परिवारों को भी राहत

वहीं, सरकार ने स्वतंत्रता सेनानियों के आश्रितों को मिलने वाले दो प्रतिशत आरक्षण के दायरे का भी विस्तार किया है। अब विवाहित बेटियां और विवाहित पोतियां भी स्वतंत्रता सेनानी कोटे के तहत सरकारी नौकरियों में आरक्षण का लाभ ले सकेंगी। इससे पहले वर्ष 2001 के नियमों के तहत उन्हें यह सुविधा नहीं मिलती थी।

नोट : ऐसी ही तेज़, सटीक और ज़मीनी खबरों से जुड़े रहने के लिए इस लिंक पर क्लिक कर हमारे फेसबुक पेज को फॉलो करें

ट्रेंडिंग न्यूज़
LAUGH CLUB
संबंधित आलेख