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July 5, 2026

हिमाचल की इस पंचायत का सराहनीय फैसला, सरेआम नशा करने वालों को नहीं मिलेगा "चरित्र प्रमाण-पत्र"

खुले में नशा करने वालों पर रहेगी सख्ती

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Hamirpur News

हमीरपुर। हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले की ग्राम पंचायत देई दा नौण ने अपनी पहली ग्राम सभा में ऐसे फैसले लिए हैं, जिनकी पूरे इलाके में चर्चा हो रही है। पंचायत प्रधान विक्की वनिता की अध्यक्षता में हुई बैठक में नशे के खिलाफ सख्ती, शादी-ब्याह में किन्नरों को दी जाने वाली बधाई राशि तय करने और मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित करने जैसे कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।

खुले में नशा करने वालों पर रहेगी सख्ती

ग्राम सभा में सबसे अहम फैसला सार्वजनिक जगहों पर नशा करने वालों को लेकर लिया गया। पंचायत ने साफ किया कि गांव में खुलेआम शराब पीने या किसी भी तरह का नशा करने वालों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि कोई व्यक्ति ऐसा करते हुए पाया जाता है तो पंचायत उसके खिलाफ यमानुसार सख्त कार्रवाई करेगी।

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चरित्र प्रमाण पत्र और NOC पर भी पड़ सकता है असर

पंचायत के फैसले के मुताबिक, यदि कोई व्यक्ति सार्वजनिक स्थान पर नशा करते हुए दोषी पाया जाता है तो पंचायत स्तर पर उसका चरित्र प्रमाण पत्र (Character Certificate) रोका जा सकता है। इसके अलावा पंचायत से मिलने वाली अन्य सरकारी सेवाओं और एनओसी (No Objection Certificate) से जुड़े मामलों में भी नियमों के तहत सख्ती बरती जाएगी। पंचायत का कहना है कि इसका मकसद लोगों को नशे से दूर रखना और गांव में अनुशासन बनाए रखना है।

किन्नरों की बधाई राशि भी की तय

ग्राम सभा में शादी-ब्याह और अन्य शुभ अवसरों पर किन्नरों को दी जाने वाली बधाई राशि को लेकर भी फैसला लिया गया। पंचायत ने तय किया कि सामान्य परिवार 2100 रुपये और गरीब परिवार 1100 रुपये की बधाई राशि देंगे। पंचायत का मानना है कि इससे लोगों पर ज्यादा पैसे देने का दबाव नहीं रहेगा और व्यवस्था में पारदर्शिता बनी रहेगी।

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मेधावी बच्चों का होगा सम्मान

पंचायत ने शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए भी नई पहल की है। पंचायत क्षेत्र के दोनों सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं को ग्राम सभा के दौरान सम्मानित किया जाएगा। इससे बच्चों का हौसला बढ़ेगा और दूसरे विद्यार्थी भी बेहतर पढ़ाई के लिए प्रेरित होंगे।

'ग्राम सभा सिर्फ औपचारिकता नहीं, गांव की संसद है

पंचायत प्रधान विक्की वनिता ने कहा कि ग्राम सभा केवल सरकारी औपचारिकता नहीं है, बल्कि यह गांव की अपनी संसद है। यहां जो भी फैसले लिए जाएंगे, वे गांव और लोगों के हित को ध्यान में रखकर लिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि पंचायत की प्राथमिकता गांव को नशामुक्त बनाना और शिक्षा का बेहतर माहौल तैयार करना है।

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फैसलों की पूरे इलाके में हो रही चर्चा

पहली ही ग्राम सभा में लिए गए इन फैसलों की पूरे क्षेत्र में चर्चा हो रही है। खासकर खुले में नशा करने वालों के खिलाफ सख्ती और चरित्र प्रमाण पत्र रोकने के प्रस्ताव को लोग काफी गंभीर कदम मान रहे हैं। वहीं मेधावी बच्चों को सम्मानित करने और बधाई राशि तय करने के फैसलों की भी लोग सराहना कर रहे हैं।

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