शिमला। हिमाचल प्रदेश में हाल ही में संपन्न हुए नगर निकाय और पंचायती राज चुनावों के नतीजों ने सत्तासीन सुखविंदर सिंह सुक्खू सरकार को आत्ममंथन करने पर मजबूर कर दिया है। चुनावों में मिले झटके से सबक लेते हुए कांग्रेस सरकार ने अब एक तरफ जहां हार के कारणों पर बारीकी से मंथन शुरू कर दिया है, वहीं दूसरी तरफ आम जनता और प्रदेश के सबसे बड़े 'वोट बैंक' यानी कर्मचारी व युवा वर्ग का भरोसा दोबारा कायम करने के लिए बड़े फैसले लेने भी शुरू कर दिए हैं।

 

इसी डैमेज कंट्रोल की कड़ी में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने प्रदेश के नाराज चल रहे कर्मचारी और बेरोजगार वर्ग को साधने के लिए बड़ा दांव खेला है। सीएम सुक्खू ने कर्मचारियों को जल्द उनके लंबित डीए और एरियर के भुगतान और वन विभाग में 500 पदों को बहाल करने का बड़ा आश्वासन दिया है।

कर्मचारियों के एरियर पर जल्द फैसला संभव

शुक्रवार को अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के प्रतिनिधिमंडल ने प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप ठाकुर के नेतृत्व में मुख्यमंत्री से मुलाकात कर कर्मचारियों की विभिन्न लंबित मांगों को उनके समक्ष रखा। इस दौरान कर्मचारियों ने महंगाई भत्ते और वेतन आयोग से जुड़े लंबित एरियर के भुगतान का मुद्दा प्रमुखता से उठाया।

 

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मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमंडल को भरोसा दिलाया कि सरकार कर्मचारियों की समस्याओं को गंभीरता से देख रही है और शेष बकाया एरियर के भुगतान को लेकर सकारात्मक कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि कुछ वर्गों के कर्मचारियों और वरिष्ठ पेंशनरों को पहले ही भुगतान किया जा चुका है तथा अन्य पात्र कर्मचारियों को भी जल्द राहत देने का प्रयास किया जाएगा।

 

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उन्होंने स्पष्ट किया कि चतुर्थ श्रेणी (क्लास-4) और 70 वर्ष से अधिक आयु के पेंशनभोगियों का पूरा एरियर पहले ही दिया जा चुका है, और अब शेष बचे लाखों कर्मचारियों का लंबित एरियर भी जल्द ही जारी कर दिया जाएगा।

बेरोजगारों को बड़ी राहत

युवाओं और बेरोजगारों में पनप रहे असंतोष को दूर करने के लिए सुक्खू सरकार ने वन विभाग में बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि वन रक्षकों (Forest Guards) के कैडर को किसी भी कीमत पर कम नहीं किया जाएगा और पूर्व में विज्ञापित 500 पदों को बहाल रखा जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने एलान किया कि इनमें से 200 वन रक्षकों के पदों पर भर्ती प्रक्रिया को जल्द ही अमलीजामा पहनाया जाएगा। सरकार के इस कदम से सरकारी नौकरी की राह देख रहे प्रदेश के हजारों युवाओं को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

 

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कर्मचारी और युवा वर्ग पर सरकार का विशेष फोकस

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि प्रदेश सरकार अब उन वर्गों पर विशेष ध्यान दे रही है जिनका सीधा प्रभाव सामाजिक और राजनीतिक माहौल पर पड़ता है। कर्मचारी वर्ग लंबे समय से अपने वित्तीय लाभों और एरियर की मांग उठा रहा है, जबकि बेरोजगार युवा भर्ती प्रक्रियाओं में तेजी की उम्मीद लगाए बैठे हैं। ऐसे में एरियर भुगतान और नई भर्तियों को लेकर दिए गए संकेतों को सरकार की एक महत्वपूर्ण रणनीतिक पहल के रूप में भी देखा जा रहा है।

 

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बेरोजगारों और कर्मचारियों में बढ़ी उम्मीद

मुख्यमंत्री के आश्वासनों के बाद कर्मचारी संगठनों ने उम्मीद जताई है कि सरकार जल्द ठोस निर्णय लेकर लंबित एरियर का भुगतान करेगी। वहीं वन विभाग में संभावित भर्ती प्रक्रिया की खबर से नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं में भी उत्साह का माहौल है। 

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