चंबा। हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में लगातार खराब मौसम और भारी बारिश के कारण भरमौर क्षेत्र में फंसे मणिमहेश यात्रा के सैंकड़ों श्रद्धालुओं की सुरक्षित वापसी के लिए सरकार और जिला प्रशासन ने जबरदस्त राहत एवं बचाव अभियान चलाया। जैसे ही मौसम ने राहत दी, प्रशासन ने युद्ध स्तर पर सड़क और हवाई दोनों रास्तों से बड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया, जो अब तक पूरी तरह सफल रहा है।
सेना के हेलिकॉप्टरों ने एयरलिफ्ट किए सैंकड़ो लोग
शुक्रवार को राहत अभियान की शुरुआत करते हुए सबसे पहले सड़क मार्ग से फंसे हुए तीर्थयात्रियों को चंबा तक पहुंचाने की कोशिश की गई। इस दौरान कई यात्रियों को भरमौर से चंबा तक सुरक्षित लाया गया। इसके साथ ही भारतीय वायुसेना के चिनूक हेलिकॉप्टरों की मदद से एक दिन में 500 से अधिक यात्रियों को हवा के रास्ते एयरलिफ्ट कर चंबा पहुंचाया गया।
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शनिवार को एमआई-17 हेलिकॉप्टर की अहम भूमिका
चिनूक के बाद आज शनिवार को वायुसेना के एमआई.17 हेलिकॉप्टर ने भी राहत अभियान में कमान संभाली। इस हेलिकॉप्टर ने चार उड़ानों में भरमौर से चंबा के लिए कुल 64 श्रद्धालुओं को एयरलिफ्ट किया। यह अभियान सुबह 8 बजे शुरू हुआ और दोपहर 12:30 बजे तक चला। इस दौरान दो शवों को भी भरमौर से चंबा लाया गया।
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जिला प्रशासन के अनुसार दो दिनों की अवधि में अब तक कुल 588 श्रद्धालुओं को सुरक्षित भरमौर से चंबा पहुंचाया जा चुका है। चंबा पहुंचने के बाद सभी तीर्थयात्रियों को हिमाचल पथ परिवहन निगम की विशेष बसों के माध्यम से उनके गंतव्यों के लिए निःशुल्क रवाना किया गया।
अतिथि देवो भवः की भावना से लोगों ने बढ़ाया सहयोग
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने इस व्यापक बचाव अभियान के सफल संचालन के लिए जिला प्रशासन, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, चंबा पुलिस, होमगार्ड, वायुसेना, गैर.सरकारी संगठनों और स्थानीय लोगों की सराहना की। उन्होंने कहा कि चंबा के लोगों ने अतिथि देवो भवः की भावना को जीवंत करते हुए न केवल राहत कार्यों में भागीदारी निभाई, बल्कि भरमौर और मार्ग में श्रद्धालुओं के लिए लंगर और अन्य सेवाएं भी उपलब्ध कराईं।
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राजस्व मंत्री ने निभाई नेतृत्व भूमिका
मुख्यमंत्री ने इस अभियान का नेतृत्व कर रहे राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी की विशेष प्रशंसा की। उन्होंने बताया कि नेगी स्वयं चंबा से पैदल भरमौर पहुंचे और लगातार कई दिनों से वहीं रहकर पूरे रेस्क्यू ऑपरेशन की निगरानी कर रहे हैं। उन्होंने यह सुनिश्चित किया कि कोई भी श्रद्धालु पीछे न छूटे और सभी को सुरक्षित बाहर निकाला जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार संवेदनशीलता और मानवीय दृष्टिकोण के साथ लोगों की सुरक्षा और सेवा के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि यह अभियान केवल प्रशासनिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि मानवीय करुणा और सेवा भावना का उदाहरण भी है।
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स्थिति अब नियंत्रण में, रेस्क्यू अभियान समाप्ति की ओर
भरमौर में अब मौसम सामान्य हो रहा है और स्थिति नियंत्रण में है। प्रशासन ने राहत की सांस ली है कि अधिकांश तीर्थयात्री सुरक्षित बाहर निकाले जा चुके हैं। आने वाले दिनों में शेष लोगों की भी निगरानी और सहायता जारी रहेगी।
