बिलासपुर। हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिला में होली के दिन कांग्रेस के पूर्व विधायक बंबर ठाकुर पर फायररिंग हुई थी। इस गोलीकांड मंे बंबर ठाकुर को एक गोली जबकि उनकी सुरक्षा में तैनात पीएसओ संजीव कुमार को तीन गोलियां लगी थी। गोली लगने के बाद बंबर ठाकुर को आईजीएमसी शिमला में और पीएसओ को एम्स बिलासपुर में भर्ती करवाया गया था। जहां उनका उपचार चल रहा था।
पीएसओ को लगी थी तीन गोलियां
बंबर ठाकुर के पीएसओ संजीव कुमार गंभीर रूप से घायल हुए थे, जिसके चलते उन्हें आईसीयू में रखा गया था। आज गुरुवार को आईसीयू से बाहर आने के बाद बंबर ठाकुर के पीएसओ संजीव कुमार का पहला बयान सामने आया है। संजीव कुमार ने कहा कि मैं शूटरों को मार सकता था, लेकिन मेरी पहली प्राथमिकता साहब बंबर ठाकुर की जान बचाना था। जिसके चलते मौके पर समझदारी दिखाते हुए पहले बंबर ठाकुर की जान बचाई।
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क्या बोले पीएसओ संजीव कुमार
उन्होंने बताया कि, "मैं अपने विभाग का नाम कभी खराब नहीं होने देता। मेरा मेन मोटिव था साहब (बंबर ठाकुर) की सुरक्षा करना और उन्हें बचाना, इसके लिए चाहे जान भी देनी पड़ती तो मैं पीछे नहीं हटता। मैं उन्हें मार भी देता और साहब की जान नहीं बचती तो ये मेरे लिए शर्मिंदगी हो जाती। इसलिए मैंने साहब को पहले साइड किया फिर उनपर फायर किया। मुझे पहले गोली लग चुकी थी। इसलिए मेरा निशाना सही से नहीं लगा, क्योंकि गोली लगने से मुझे दिखना बंद हो गया था। मैं साइड से फायर कर शूटरों को आसानी से मार सकता था, लेकिन शूट करने में मुझे समय लगता, क्योंकि पिस्टल को पहले लोड और फिर कॉक करना पड़ता, इतने में साहब को फायर लग जाते। मेरा मेन मोटिव साहब की सुरक्षा करना था। इसमें मैं कामयाब हुआ और मेरी और साहब की जान भी बच गई"।
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पीएसओ को प्रशस्ति पत्र से किया सम्मानित
पीएसओ संजीव कुमार की इसी समझदारी और बहादुरी के लिए एसपी सुरक्षा भूपिंदर नेगी ने एम्स बिलासपुर पहुंच कर उन्हें प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि हमे अपने जवान पर गर्व है। वहीं उन्हांेने कहा कि इस गोलीकांड में बहादुरी दिखाने के लिए उन्हें डीजीपी डिस्क अवॉर्ड से सम्मानित किया जाएगा।
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2011 में हुए थे पुलिस में भर्ती
बता दंे कि संजीव कुमार साल 2011 में हिमाचल प्रदेश पुलिस में भर्ती हुए थे। अपनी कर्तव्यनिष्ठा और साहस के चलते उन्होंने पुलिस बल में विशेष पहचान बनाई। 2016 से वे बिलासपुर जिले में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। बंबर ठाकुर पर हुए हमले में उन्हंे तीन गोलियां लगी थीं, जिसके बाद से वह एम्स बिलासपुर के आईसीयू में थे। आज उनकी स्थिति में सुधार होने के चलते वह आईसीयू से बाहर आ गए हैं। वहीं पूर्व कांग्रेस विधायक बंबर ठाकुर की स्थिति में भी काफी सुधार है। बुधवार को चिकित्सकों ने उन्हें अपने पैरों पर भार डालने को कहा है।
