शिमला। हिमाचल प्रदेश सरकार ने बिजली कनेक्शन से पहले निरीक्षण प्रक्रिया को अनिवार्य बनाते हुए उसकी फीस का निर्धारण कर दिया है। वीरवार को ऊर्जा विभाग की ओर से जारी अधिसूचना में बताया गया कि अब कोई भी उपभोक्ता चाहे वह घरेलू हो या औद्योगिक यदि बिजली कनेक्शन लेने से पहले या रूटीन निरीक्षण के लिए अधिकारी को बुलाता है, तो उसे तयशुदा शुल्क अदा करना होगा।

 

घरेलू उपभोक्ताओं के लिए यह होगी फीस

  • सामान्य घरेलू निरीक्षण: ₹300

  • 20 किलोवाट तक: ₹600

  • 50 किलोवाट तक: ₹750

  • 100 किलोवाट तक: ₹900

  • 400 किलोवाट तक: ₹1500

  • 750 किलोवाट तक: ₹2400

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जनरेटर व ट्रांसफार्मर लगाने वालों के लिए भी नई दरें


ऊर्जा सचिव ने बताया कि यदि कोई उपभोक्ता जनरेटर लगाना चाहता है, तो भी उसे निरीक्षण शुल्क देना होगा।

  • 5 किलोवाट तक के जनरेटर के लिए: ₹300

  • 1000 किलोवाट तक के जनरेटर के लिए: ₹4500

उद्योग या होटल द्वारा ट्रांसफार्मर लगाने की स्थिति में 25 किलोवाट तक ₹900 और हाई टेंशन लाइन से कनेक्शन लेने पर ₹1500 का निरीक्षण शुल्क निर्धारित किया गया है।

 

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बिजली की नई लाइन बिछाने पर भी शुल्क तय


यदि किसी उपभोक्ता को 1 किलोमीटर तक की नई बिजली लाइन बिछानी है, तो इसके निरीक्षण के लिए ₹600 और इसके बाद हर अतिरिक्त निरीक्षण पर ₹900 का शुल्क देना होगा।

 

डोमेन चेंज कमेटी गठित


सरकार ने ऊर्जा क्षेत्र में सुधार और निगरानी के उद्देश्य से एक डोमेन चेंज कमेटी का भी गठन किया है। इस कमेटी के अध्यक्ष ऊर्जा सचिव होंगे, जबकि ऊर्जा निदेशक, बिजली बोर्ड के प्रबंध निदेशक और हिमऊर्जा के सीईओ इसके सदस्य होंगे। मुख्य अभियंता (ऊर्जा) को इसका सदस्य सचिव बनाया गया है। यह कमेटी बिजली कनेक्शन, निरीक्षण और वितरण से जुड़ी रणनीतियों पर निर्णय लेगी।

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