मंडी। हिमाचल प्रदेश को नशामुक्त बनाने के लिए सरकार और प्रशासन की ओर से लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं। मगर अब समाज के स्तर पर भी ऐसी पहल सामने आने लगी हैं- जो लोगों को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित कर रही हैं।

हिमाचल की ये पंचायत बनी मिसाल

मंडी जिला के जोगिंदर नगर उपमंडल में BDC सदस्य दलीप सिंह ने शराब मुक्त शादियों को बढ़ावा देने के लिए अनोखी पहल शुरू की है। उन्होंने ऐलान किया है कि जो परिवार शादी समारोह में शराब नहीं परोसेगा- उसे अपनी ओर से 11 हजार रुपये का शगुन दिया जाएगा। खास बात यह है कि इस पहल के लिए वह अपनी पेंशन की राशि का इस्तेमाल करेंगे।

यह भी पढ़ें- हिमाचल : SPA सेंटरों में हो रहा था गंदा काम, पुलिस ने 7 युवतियां की रेस्क्यू- मालिक पर FIR

 शराब मुक्त शादियों को प्रोत्साहन

दलीप सिंह टिकरू वार्ड से BDC सदस्य हैं और भारतीय सेना में सेवाएं दे चुके हैं। हाल ही में मेण भरोला पंचायत में आयोजित ग्राम सभा की बैठक के दौरान उन्होंने शराब मुक्त शादियों को प्रोत्साहित करने का संकल्प लिया।

शराब परोसना एक परंपरा है

उन्होंने कहा कि आज शादी समारोहों में शराब परोसना जैसे एक परंपरा बनता जा रहा है। इसका सबसे ज्यादा असर गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों पर पड़ता है, क्योंकि शादी के खर्च के साथ शराब का अतिरिक्त आर्थिक बोझ भी परिवारों पर आ जाता है।

यह भी पढ़ें : हिमाचल : राजेश ने पढ़ने भेजा था बेटा, किराए के कमरे में पड़ी मिली देह-सदमे में पूरा परिवार

शराब मुक्त शादी पर 11 हजार का शगुन

दलीप सिंह का कहना है कि उनका उद्देश्य सिर्फ आर्थिक मदद करना नहीं, बल्कि समाज में एक सकारात्मक संदेश देना है। वह चाहते हैं कि शादी जैसे शुभ अवसर नशे के बजाय खुशियों और पारिवारिक मिलन का माध्यम बनें। इसी सोच के साथ उन्होंने अपनी पेंशन की कुछ राशि शराब मुक्त शादियों के लिए देने का फैसला लिया है।

समाज के लिए संदेश

इस पहल की शुरुआत आगामी 12 अगस्त को होने वाली एक बेटी की शादी से की जाएगी। फिलहाल गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों की बेटियों की शादी में यह 11 हजार रुपये की शगुन राशि देने की योजना है। दलीप सिंह की कोशिश है कि धीरे-धीरे अधिक से अधिक परिवार शराब मुक्त शादी के लिए आगे आएं और समाज में इसका सकारात्मक असर देखने को मिले।

यह भी पढ़ें- हिमाचल में फिर भारी बारिश का अलर्ट : आज से 5 दिन बरसेंगे बादल, भूस्खलन का भी खतरा

BDC का मानदेय भी गरीबों की सेवा में

दलीप सिंह सामाजिक सेवा के कार्यों से भी जुड़े हुए हैं। बचपन से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की गतिविधियों से जुड़े रहे दलीप सिंह वर्तमान में सेवा भारती के सक्रिय सदस्य के तौर पर भी अपनी सेवाएं दे रहे हैं। BDC सदस्य बनने के बाद उन्हें मिलने वाले पांच साल के मानदेय को भी उन्होंने गरीब और जरूरतमंद लोगों की सेवा में लगाने का संकल्प लिया है।

पंचायत प्रतिनिधियों ने किया स्वागत

दलीप सिंह की इस पहल का पंचायत प्रतिनिधियों ने भी स्वागत किया है। ग्राम पंचायत मेण भरोला के प्रधान संजय जम्वाल और टिकरू पंचायत के प्रधान अनिल कुमार ने इसे समाज को नशे से दूर करने की दिशा में अनुकरणीय कदम बताया। उनका कहना है कि अगर शादी समारोहों से शराब को दूर करने की ऐसी पहलें अन्य क्षेत्रों में भी शुरू हों, तो इससे नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान को और मजबूती मिल सकती है।

यह भी पढ़ें : हिमाचल में 500 पदों पर भर्ती : दसवीं पास को भी मिलेगी नौकरी, एक क्लिक में जानें सबकुछ

12 अगस्त को होगी पहल

दलीप सिंह की यह पहल इसलिए भी खास है क्योंकि उन्होंने नशे के खिलाफ सिर्फ अपील करने के बजाय अपनी पेंशन की राशि से इसकी शुरुआत करने का फैसला लिया है। अब देखना यह होगा कि 12 अगस्त को होने वाली शादी से शुरू होने वाली यह पहल आने वाले समय में कितने परिवारों को शराब मुक्त विवाह के लिए प्रेरित करती है।

नोट : ऐसी ही तेज़, सटीक और ज़मीनी खबरों से जुड़े रहने के लिए इस लिंक पर क्लिक कर हमारे फेसबुक पेज को फॉलो करें