कांगड़ा। हिमाचल प्रदेश की धर्मशाला जेल में बंद एक कैदी की संदिग्ध मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। 31 वर्षीय विवेक कुमार की जेल परिसर में हुई मौत के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों में भारी रोष देखने को मिल रहा है।

कैदी की मौत पर बवाल

परिवार ने जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। परिवार ने हत्या का शक जाहिर करते हुए पुलिस से मामले की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।

यह भी पढ़ें- हिमाचल हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी : नौकरियां नहीं, बैकडोर सिस्टम चल रहा है- सरकार से मांगा जवाब

साढ़े तीन साल से था जेल में बंद

जानकारी के अनुसार, नगर निगम धर्मशाला के खनियारा क्षेत्र का रहने वाला विवेक कुमार पिछले करीब साढ़े तीन वर्षों से धर्मशाला जेल में सजा काट रहा था। बताया जा रहा है कि उसकी सजा पूरी होने में अभी डेढ़ से दो वर्ष का समय बाकी था।

परिजनों को फोन पर मिली मौत की खबर

परिजनों के मुताबिक, उन्हें अचानक फोन कर बेटे की मौत की सूचना दी गई, जिससे परिवार सदमे में आ गया। मृतक के परिजनों का आरोप है कि पूरे घटनाक्रम के दौरान उन्हें समय रहते कोई जानकारी नहीं दी गई।

यह भी पढ़ें- हिमाचल में लव जिहाद ! 'शिवा' नाम बता 16 वर्षीय लड़की को भगा ले गया अब्दुल, मचा बवाल

परिवार को मारपीट का शक

उनका कहना है कि पहले विवेक को जोनल अस्पताल ले जाया गया और बाद में टांडा मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। मगर शाम को सीधे मौत की सूचना दे दी गई। परिवार ने जेल के भीतर मारपीट की आशंका भी जताई है।

कैसे लगा विवके को करंट?

उनका कहना है कि जब जेल परिसर में हर गतिविधि CCTV कैमरों की निगरानी में रहती है, तो ऐसी घटना आखिर कैसे हुई। परिजनों ने सवाल उठाया कि अगर मौत करंट लगने से हुई है- तो वह किन परिस्थितियों में बिजली के संपर्क में आया। उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था और जेल प्रशासन की लापरवाही पर भी सवाल खड़े किए हैं।

यह भी पढ़ें- सुक्खू सरकार ने किराएदारों से छीनी सब्सिडी : डबल आ रहा बिजली का बिल, परेशानी बढ़ी

पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार

उधर, SP कांगड़ा अशोक रत्न ने बताया कि प्रारंभिक सूचना के अनुसार मौत का कारण करंट लगना बताया गया है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए सुरक्षित रखवाया है और रिपोर्ट आने के बाद ही वास्तविक कारण स्पष्ट हो पाएगा।

पैरोल पर आता था घर

पुलिस के अनुसार विवेक कुमार अपहरण और संबंधित धाराओं के तहत दर्ज मामले में सात साल की सजा काट रहा था। वर्ष 2023 से जेल में बंद था। इस दौरान वह पैरोल पर घर भी आता-जाता रहा था।

यह भी पढ़ें- हिमाचल में बदला मौसम : बारिश से मिली राहत, कई जिलों में ओलावृष्टि और तूफान का अलर्ट

मौत के असली कारण

वहीं, जेल अधीक्षक विकास भट्टनागर ने कहा कि मामला जेल परिसर से जुड़ा होने के कारण नियमानुसार मैजिस्ट्रियल जांच करवाई जाएगी। उन्होंने कहा कि सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच आगे बढ़ाई जाएगी ताकि मौत के असली कारणों का पता लगाया जा सके।

नोट : ऐसी ही तेज़, सटीक और ज़मीनी खबरों से जुड़े रहने के लिए इस लिंक पर क्लिक कर हमारे फेसबुक पेज को फॉलो करें