मंडी। हिमाचल प्रदेश में सोमवार रात से जारी बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। जिला मंडी के धर्मपुर क्षेत्र में स्थिति बेहद गंभीर हो गई। तेज बारिश से बाद बादल फटा और सोन खड्ड (नाला) ने अचानक रौद्र रूप धारण कर लिया, जिससे पूरे कस्बे में बाढ़ जैसे हालात बन गए।
धर्मपुर में बाढ़ का मंजर
धर्मपुर बस स्टैंड पूरी तरह जलमग्न हो गया, जहां पानी का स्तर करीब 10 फीट तक पहुंच गया। आसपास के घरों की पहली मंजिलें डूब गईं। 10 से ज्यादा सरकारी बसें व निजी गाड़ियां पानी के तेज बहाव में बह गईं। इतना ही नहीं 6-7 लोग भी लापता बताए जा रहे हैं।
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तबाही देख सहमे लोग
रातभर दहशत का माहौल रहा, लोग अपने घरों से सुरक्षित स्थानों की ओर जान बचाने के लिए भागे। तबाही का मंजर देखकर लोगों में अफरा-तफरी मची हुई थी। सुबह होते-होते पानी का स्तर थोड़ा घटा, लेकिन नुकसान इतना बड़ा है कि स्थानीय लोग अब भी सदमे में हैं।
लैंडस्लाइड ने मचाया कहर
राजधानी शिमला के हिमलैंड क्षेत्र में मंगलवार सुबह बड़ा भूस्खलन हुआ। कई गाड़ियां मलबे में दब गईं। शिमला की लाइफ लाइन मानी जाने वाली सर्कुलर रोड पूरी तरह से बंद हो गई।
वाहनों की आवाजाही रुकने से हजारों लोग प्रभावित हुए।
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सैकड़ों सड़कें और पुल बंद
प्रदेश भर में बारिश ने सड़कों की हालत बदतर कर दी है। 3 नेशनल हाईवे समेत 498 सड़कें अभी बंद हैं। इनमें से 90 प्रतिशत सड़कें 16 दिनों से ज्यादा समय से अवरुद्ध हैं। 13 मोटरेबल पुल टूट चुके हैं, जिससे कई गांवों का संपर्क पूरी तरह कट गया है।
अब तक का नुकसान
इस मानसून सीजन में अब तक-
- 404 लोग जान गंवा चुके हैं।
- 4504 करोड़ रुपये की सरकारी और निजी संपत्ति नष्ट हो चुकी है।
- सेब सीजन और अन्य फसलों की ढुलाई बुरी तरह प्रभावित हुई है।
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6 जिलों में अलर्ट
मौसम विज्ञान केंद्र, शिमला ने आज 6 जिलों बिलासपुर, कांगड़ा, मंडी, शिमला, सोलन और सिरमौर में यलो अलर्ट जारी किया है। कल से बारिश में कमी आने का अनुमान है, लेकिन मानसून अभी विदा नहीं हुआ है।
