धर्मशाला। हिमाचल प्रदेश में सरकारी नौकरी और विशेषकर पुलिस विभाग में भर्ती का इंतजार कर रहे हजारों युवाओं के लिए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बड़ी राहत भरी घोषणा की है। धर्मशाला दौरे पर पहुंचे मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में जल्द ही पुलिस विभाग में 800 कांस्टेबल पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
मुख्यमंत्री का यह ऐलान उन बेरोजगार युवाओं के लिए उम्मीद की नई किरण बनकर सामने आया है, जो लंबे समय से सरकारी नौकरी पाने और पुलिस की वर्दी पहनने के सपने को साकार करने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं। प्रदेश के कई युवा पिछले वर्षों से भर्ती विज्ञापन का इंतजार कर रहे थे और नियमित रूप से शारीरिक अभ्यास तथा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में जुटे हुए हैं।
बेरोजगार युवाओं को मिला बड़ा संदेश
धर्मशाला में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। इसी कड़ी में पुलिस विभाग में रिक्त पदों को भरने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं और जल्द ही 800 कांस्टेबल पदों पर भर्ती की जाएगी। मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद प्रदेशभर में भर्ती की तैयारी कर रहे युवाओं में उत्साह का माहौल देखा जा रहा है। कई युवाओं का मानना है कि लंबे समय बाद पुलिस विभाग में बड़े स्तर पर भर्ती का रास्ता खुलने जा रहा है।
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पंचायत प्रतिनिधियों को दिलाई शपथ
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कांगड़ा जिले के नवनिर्वाचित पंचायत प्रधानों और उपप्रधानों को पद एवं गोपनीयता की शपथ भी दिलाई। इस दौरान उन्होंने पंचायतों को लोकतंत्र की सबसे मजबूत इकाई बताते हुए कहा कि ग्रामीण विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं को लोगों तक पहुंचाने में पंचायत प्रतिनिधियों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने कहा कि सरकार और जनता के बीच पंचायत प्रतिनिधि एक मजबूत कड़ी के रूप में कार्य करते हैं और गांवों के विकास में उनकी भागीदारी बेहद अहम है।
मनरेगा मजदूरों को भी मिला फायदा
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने मनरेगा मजदूरी को बढ़ाकर 320 रुपये प्रतिदिन किया है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़े हैं और बड़ी संख्या में लोगों को इसका लाभ मिला है। उन्होंने दावा किया कि मजदूरी बढ़ाए जाने के बाद मनरेगा के तहत रोजगार सृजन में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।
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कांगड़ा को पर्यटन राजधानी बनाने पर जोर
धर्मशाला दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने एक बार फिर दोहराया कि राज्य सरकार कांगड़ा जिले को प्रदेश की पर्यटन राजधानी के रूप में विकसित करने के लिए कई महत्वाकांक्षी परियोजनाओं पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि पर्यटन, स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्रों में बड़े निवेश किए जा रहे हैं ताकि क्षेत्रीय विकास को नई गति मिल सके।
आयुष अस्पताल की रखी आधारशिला
मुख्यमंत्री ने धर्मशाला में 50 बिस्तरों वाले एकीकृत आयुष अस्पताल की आधारशिला भी रखी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने के लिए निरंतर निवेश कर रही है और अस्पतालों के आधुनिकीकरण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
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बनखंडी चिड़ियाघर और कन्वेंशन सेंटर पर भी जोर
मुख्यमंत्री ने बताया कि कांगड़ा जिले के बनखंडी में अंतरराष्ट्रीय स्तर का चिड़ियाघर विकसित किया जा रहा है, जो आने वाले समय में प्रदेश के पर्यटन मानचित्र पर एक बड़ा आकर्षण बनेगा। इसके अलावा धर्मशाला के तपोवन क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर के कन्वेंशन सेंटर की योजना पर भी कार्य किया जा रहा है।
युवाओं की निगाहें अब भर्ती प्रक्रिया पर
हालांकि मुख्यमंत्री ने भर्ती प्रक्रिया की समयसीमा और विस्तृत कार्यक्रम की घोषणा नहीं की, लेकिन 800 कांस्टेबल पदों पर भर्ती का ऐलान प्रदेश के हजारों युवाओं के लिए बड़ी खबर बन गया है। अब भर्ती की तैयारी कर रहे युवाओं की निगाहें पुलिस विभाग की आगामी अधिसूचना पर टिकी हैं। लंबे समय से मैदानों, सड़कों और स्टेडियमों में पसीना बहा रहे युवाओं को उम्मीद है कि जल्द ही उन्हें पुलिस की वर्दी पहनकर प्रदेश की सेवा करने का अवसर मिलेगा।
