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July 31, 2026
वीरभूमि हिमाचल ने खोया अपना महान सपूत, जनरल VN शर्मा का निधन, मेजर सोमनाथ शर्मा के थे छोटे भाई
पूर्व थल सेनाध्यक्ष जनरल वीएन का दिल्ली में निधन, कल सैन्य सम्मान से होगा अंतिम संस्कार
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कांगड़ा। वीरों की धरती कहे जाने वाले हिमाचल प्रदेश ने शुक्रवार को अपना एक और गौरवशाली सपूत खो दिया। भारतीय सेना के पूर्व थल सेनाध्यक्ष (Chief of Army Staff) जनरल विश्वनाथ (वीएन) शर्मा का 96 वर्ष की आयु में निधन हो गया। पूर्व थल सेनाध्यक्ष जनरल वीएन शर्मा ने शुक्रवार तड़के नई दिल्ली में अंतिम सांस ली। उनका अंतिम संस्कार 1 अगस्त को दिल्ली छावनी स्थित बरार स्क्वायर श्मशान घाट में पूरे सैन्य सम्मान के साथ किया जाएगा।
उनका जाना केवल हिमाचल प्रदेश ही नहीं, बल्कि पूरे देश और भारतीय सेना के लिए अपूरणीय क्षति माना जा रहा है। जनरल वीएन शर्मा भारतीय सेना के इतिहास की उन प्रेरणादायक शख्सियतों में शामिल थे, जिन्होंने कठिन दौर में सेना का नेतृत्व किया। वह आज़ाद भारत के पहले मरणोपरांत परमवीर चक्र से सम्मानित अमर शहीद मेजर सोमनाथ शर्मा के छोटे भाई भी थे।
कांगड़ा जिले से संबंध रखने वाले जनरल वीएन शर्मा का नाम भारतीय सेना के उन चुनिंदा अधिकारियों में लिया जाता है, जिन्होंने अपने अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और राष्ट्र सेवा से अलग पहचान बनाई। उनका जीवन हिमाचल की उस गौरवशाली सैन्य परंपरा का प्रतीक रहा, जिसने देश को अनेक वीर सैनिक दिए हैं।
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जनरल वीएन शर्मा ने वर्ष 1988 से 1990 तक भारतीय सेना के थल सेनाध्यक्ष के रूप में जिम्मेदारी निभाई। उनके कार्यकाल के दौरान देश कई सुरक्षा चुनौतियों का सामना कर रहा था। श्रीलंका में भारतीय शांति सेना (IPKF) का अभियान जारी था, जबकि पूर्वोत्तर राज्यों में भी सुरक्षा संबंधी चुनौतियां बनी हुई थीं। ऐसे समय में उन्होंने सेना का सफल नेतृत्व करते हुए महत्वपूर्ण निर्णय लिए और देश की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूती प्रदान की।
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जनरल शर्मा का सैन्य जीवन वर्ष 1950 में शुरू हुआ, जब उन्हें भारतीय सेना की 16वीं लाइट कैवेलरी में कमीशन मिला। इसके बाद उन्होंने विभिन्न महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। वर्ष 1965 के भारत-पाक युद्ध सहित कई सैन्य अभियानों में उनकी भूमिका उल्लेखनीय रही। अपनी उत्कृष्ट सेवाओं के लिए उन्हें अति विशिष्ट सेवा पदक (AVSM) सहित कई प्रतिष्ठित सम्मान भी प्राप्त हुए।
जनरल वीएन शर्मा ऐसे परिवार से संबंध रखते थे, जिसकी कई पीढ़ियों ने भारतीय सेना में देश की सेवा की। उनके बड़े भाई मेजर सोमनाथ शर्मा 1947-48 के भारत-पाक युद्ध में वीरगति को प्राप्त हुए थे और उन्हें स्वतंत्र भारत का पहला परमवीर चक्र मरणोपरांत प्रदान किया गया था। उनके दूसरे भाई लेफ्टिनेंट जनरल सुरेंद्र नाथ शर्मा भारतीय सेना में इंजीनियर-इन-चीफ के पद तक पहुंचे, जबकि उनके पिता मेजर जनरल अमरनाथ शर्मा भी भारतीय सेना की मेडिकल सेवाओं में शीर्ष पदों पर रहे। उनकी बहन ने भी आर्मी मेडिकल कोर में वरिष्ठ अधिकारी के रूप में देश की सेवा की। शर्मा परिवार को भारतीय सेना के सबसे प्रतिष्ठित सैन्य परिवारों में गिना जाता है।
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पूर्व थल सेनाध्यक्ष जनरल वीएन शर्मा ने शुक्रवार तड़के नई दिल्ली में अंतिम सांस ली। उनका अंतिम संस्कार पूरे सैन्य सम्मान के साथ दिल्ली छावनी स्थित बरार स्क्वायर में किया जाएगा। उनके निधन की खबर के बाद सैन्य और सामाजिक क्षेत्रों में शोक की लहर दौड़ गई है।
जनरल वी. एन. शर्मा का निधन केवल एक पूर्व सेना प्रमुख का निधन नहीं, बल्कि भारतीय सेना के एक गौरवशाली अध्याय का समापन है। उन्होंने अपने जीवन से यह साबित किया कि राष्ट्र सेवा सबसे बड़ा धर्म है। हिमाचल प्रदेश का यह वीर सपूत अपनी बहादुरी, नेतृत्व क्षमता और राष्ट्र के प्रति समर्पण के लिए सदैव याद किया जाएगा।