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August 1, 2026

कांग्रेस हाईकमान से मिले CM सुक्खू और प्रदेश अध्यक्ष, कैबिनेट फेरबदल की अटकलें तेज

दिल्ली में हाईकमान के साथ हुई अहम बैठक

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Himachal Pradesh news

शिमला। हिमाचल प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र से पहले प्रदेश की सुक्खू सरकार में बड़े बदलाव की चर्चाएं तेज हो गई हैं। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के दिल्ली दौरे और कांग्रेस के बड़े नेताओं के साथ हुई बैठकों के बाद मंत्रिमंडल विस्तार और सरकार-संगठन में फेरबदल की अटकलें और बढ़ गई हैं। माना जा रहा है कि मानसून सत्र से पहले सरकार में कुछ अहम फैसले लिए जा सकते हैं। साथ ही 

दिल्ली में हाईकमान के साथ हुई अहम बैठक

शुक्रवार को दिल्ली में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार और प्रदेश प्रभारी रजनी पाटिल ने कांग्रेस के राष्ट्रीय संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल समेत पार्टी के बड़े नेताओं के साथ बैठक की। बैठक में प्रदेश सरकार और कांग्रेस संगठन के कामकाज को लेकर चर्चा हुई। सूत्रों के मुताबिक, इस दौरान मंत्रिमंडल विस्तार, खाली पदों को भरने और संगठन में बदलाव को लेकर भी बात हुई।

 

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एक मंत्री और विधानसभा उपाध्यक्ष का पद खाली

हिमाचल सरकार में इस समय कैबिनेट मंत्री का एक पद खाली है। इसके अलावा विधानसभा उपाध्यक्ष का पद भी काफी समय से खाली चल रहा है। ऐसे में माना जा रहा है कि मानसून सत्र शुरू होने से पहले सरकार इन दोनों पदों को भर सकती है।

चर्चा में सुंदर ठाकुर और संजय रतन के नाम 

खाली मंत्री पद को लेकर कुल्लू सदर से विधायक सुंदर सिंह ठाकुर और ज्वालाजी से विधायक संजय रतन के नाम सबसे ज्यादा चर्चा में हैं। सुंदर ठाकुर के दिल्ली पहुंचने के बाद इन चर्चाओं को और हवा मिली है। माना जा रहा है कि सरकार मंत्री बनाते समय क्षेत्रीय और सामाजिक संतुलन का भी ध्यान रखेगी। साथ ही 2027 के विधानसभा चुनाव को देखते हुए भी फैसला लिया जा सकता है।

 

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बदले जा सकते हैं कुछ मंत्रियों के विभाग 

मंत्रिमंडल विस्तार के साथ ही कुछ मौजूदा मंत्रियों के विभागों में भी बदलाव होने की चर्चा है। सरकार के कामकाज और आने वाले विधानसभा चुनाव की रणनीति को देखते हुए कुछ महत्वपूर्ण विभाग दूसरे मंत्रियों को दिए जा सकते हैं। राजेश धर्माणी और यादवेंद्र गोमा को नए विभाग मिलने की भी राजनीतिक गलियारों में चर्चा है।

कांग्रेस संगठन में भी बदलाव की तैयारी

सरकार के साथ-साथ प्रदेश कांग्रेस संगठन में भी बदलाव की तैयारी चल रही है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी में नए सचिवों और प्रवक्ताओं की नियुक्ति की जा सकती है। माना जा रहा है कि जल्द ही इन पदों पर नई सूची जारी हो सकती है।

 

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आज दिल्ली से चंबा जाएंगे मुख्यमंत्री सुक्खू

मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू शनिवार सुबह दिल्ली से चंबा के लिए रवाना होंगे। रविवार को मुख्यमंत्री चंबा में होने वाले मिंजर मेले समेत कई कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। इसके बाद सोमवार दोपहर को मुख्यमंत्री शिमला लौटेंगे।

दिल्ली में स्पोर्ट्स और इंफ्रास्ट्रक्चर एक्सपो में पहुंचे CM

मुख्यमंत्री सुक्खू ने नई दिल्ली में आयोजित स्पोर्ट्स, फिटनेस एवं इंफ्रास्ट्रक्चर एक्सपो-2026 का भी दौरा किया। इस दौरान उन्होंने अलग-अलग पवेलियन में जाकर कई स्टॉल देखे और वहां मौजूद प्रतिनिधियों से बातचीत की।

 

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मंत्रिमंडल में क्षेत्रीय संतुलन भी रहेगा अहम

मंत्रिमंडल विस्तार में क्षेत्रीय संतुलन सबसे बड़ा मुद्दा हो सकता है। हिमाचल के कई जिलों को मौजूदा मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिली है। इस समय मंडी, कुल्लू, लाहौल-स्पीति और चंबा से कोई कैबिनेट मंत्री नहीं है। ऐसे में नए मंत्री का नाम तय करते समय इन जिलों को भी ध्यान में रखा जा सकता है।

धर्मशाला की जगह कसौली में हो सकती है PAC की बैठक

कांग्रेस की राजनीतिक मामलों की समिति यानी पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी की बैठक भी जल्द होने की उम्मीद है। पहले यह बैठक धर्मशाला में प्रस्तावित थी, लेकिन अब इसे सोलन जिले के कसौली में करवाने की तैयारी चल रही है। बैठक की तारीख तय करने के लिए हाईकमान से समय मांगा गया है।

 

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उद्योगों को बड़ी राहत, 5 से 25 साल तक मान्य होगा NOC

हिमाचल के उद्योगों के लिए भी सरकार ने बड़ी राहत का ऐलान किया है। मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा है कि अब उद्योगों को राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से बार-बार अनापत्ति प्रमाणपत्र यानी NOC लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी। उद्योगों को वन टाइम सहमति प्रमाणपत्र जारी किया जाएगा।

12,500 उद्योगों को मिलेगा फायदा

राज्य में करीब 12,500 उद्योग पंजीकृत हैं। अभी तक इन उद्योगों को प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से बार-बार NOC लेना पड़ता था। नई व्यवस्था लागू होने के बाद यह प्रक्रिया आसान हो जाएगी। वन टाइम सहमति प्रमाणपत्र की वैधता उद्योग के हिसाब से **5 साल से लेकर 25 साल तक** हो सकती है। सरकार का कहना है कि इससे उद्योगों को बड़ी राहत मिलेगी और बार-बार कागजी प्रक्रिया से भी छुटकारा मिलेगा।

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