जवाली (कांगड़ा। वीरों की धरती कहे जाने वाले हिमाचल प्रदेश के लिए एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। प्रदेश ने देश की सीमाओं की रक्षा में जुटे अपने एक होनहार और कर्तव्यनिष्ठ जवान को खो दिया है। कांगड़ा जिले के जवाली विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत नाना खास निवासी सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के इंस्पेक्टर जनक राज चौहान का ड्यूटी के दौरान आकस्मिक निधन हो गया। इस खबर के सामने आते ही न केवल परिवार बल्कि पूरे गांव और क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है।
देश की रक्षा करते थम गई जिंदगी की रफ्तार
जानकारी के अनुसार जनक राज चौहान वर्तमान में जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर में तैनात थे। बताया जा रहा है कि ड्यूटी के दौरान अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। उन्हें सीने में तेज दर्द की शिकायत हुई, जिसके बाद साथी जवानों ने बिना देर किए उन्हें अस्पताल पहुंचाया। चिकित्सकों ने उन्हें बचाने का हरसंभव प्रयास किया, लेकिन उपचार के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ले ली। देश की सुरक्षा में समर्पित एक जांबाज अधिकारी का इस तरह अचानक दुनिया छोड़ जाना हर किसी को झकझोर गया है।
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परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
जैसे ही उनके निधन की सूचना गांव और परिवार तक पहुंची, घर में कोहराम मच गया। पत्नी का सुहाग उजड़ गया तो वहीं दो मासूम बच्चों के सिर से पिता का साया हमेशा के लिए उठ गया। परिवार के लिए यह क्षति ऐसी है जिसकी भरपाई शायद कभी नहीं हो सकेगी। रिश्तेदारों और शुभचिंतकों का लगातार परिवार के घर पहुंचने का सिलसिला जारी है। हर किसी की आंखें नम हैं और लोग दिवंगत जवान के परिवार को ढांढस बंधाने का प्रयास कर रहे हैं।
गांव में पसरा मातम, हर आंख नम
नाना खास गांव में शोक का माहौल है। ग्रामीणों के अनुसार जनक राज चौहान बेहद सरल, मिलनसार और हंसमुख स्वभाव के व्यक्ति थे। वह जब भी छुट्टियों में गांव आते थे, लोगों से आत्मीयता के साथ मिलते थे और युवाओं को देश सेवा के लिए प्रेरित करते थे।उनके असामयिक निधन से पूरे क्षेत्र ने एक सम्मानित और लोकप्रिय व्यक्तित्व को खो दिया है।
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आज गांव पहुंचेगा पार्थिव शरीर
सूत्रों के अनुसार दिवंगत बीएसएफ अधिकारी का पार्थिव शरीर श्रीनगर से उनके पैतृक गांव नाना खास लाया जा रहा है। उनके अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना है।
सैन्य सम्मान के साथ दी जाएगी अंतिम विदाई
वीरवार को उनके पैतृक श्मशान घाट में पूरे सैन्य और राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा। इस दौरान बीएसएफ के अधिकारी और जवान भी अपने साथी को अंतिम सलामी देंगे। क्षेत्र के लोग भी अपने वीर सपूत को अंतिम विदाई देने के लिए बड़ी संख्या में उपस्थित रहेंगे।
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प्रदेश ने खोया एक बहादुर बेटा
जनक राज चौहान का निधन केवल उनके परिवार की नहीं, बल्कि पूरे हिमाचल प्रदेश की अपूरणीय क्षति है। एक ओर जहां प्रदेश ने अपना एक बहादुर जवान खो दिया है, वहीं दो बच्चों ने अपने पिता को और एक पत्नी ने अपने जीवनसाथी को खो दिया है। देश सेवा के प्रति समर्पित इस वीर सपूत की कमी हमेशा महसूस की जाएगी। ईश्वर दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करे तथा शोकाकुल परिवार को इस असहनीय दुख को सहन करने की शक्ति दे।
