शिमला। हिमाचल प्रदेश में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू सरकार ने स्वास्थ्य क्षेत्र को मजबूती देने के लिए बड़ा कदम उठाया है। प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने के साथ ही विशेषज्ञ चिकित्सकों की भर्ती की जा रही है। सरकार का उद्देश्य है कि हिमाचल के मरीजों को इलाज के लिए अन्य राज्यों का रुख न करना पड़े और उन्हें अपने ही प्रदेश में सस्ती और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हों।

हर विभाग में होगी पांच से छह विशेषज्ञों की तैनाती

सरकार ने सभी मेडिकल कॉलेजों से विशेषज्ञ डॉक्टरों (प्रोफेसर, एसोसिएट और असिस्टेंट) की रिक्तियों का ब्यौरा मांगा है। योजना के तहत हर विभाग में पांच से छह विशेषज्ञों की तैनाती सुनिश्चित की जाएगी। इसके साथ ही एमआरआईए पैट स्कैन जैसी अत्याधुनिक मशीनें स्थापित की जा रही हैं।

 

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रोबोटिक सर्जरी की सुविधा भी मेडिकल कॉलेजों में शुरू करने की दिशा में तेजी से कार्य हो रहा है। वर्तमान में शिमला के चमियाना और टांडा मेडिकल कॉलेज में यह सुविधा शुरू हो चुकी है, जहां मात्र 30 हजार रुपये में रोबोटिक सर्जरी उपलब्ध है। जबकि निजी अस्पतालों में मरीजों को यही सुविधा दो लाख रुपये तक चुकानी पड़ती है।

 

प्रदेश सरकार मेडिकल कॉलेजों के लिए उपकरणों की खरीद पर करीब 300 करोड़ रुपये खर्च कर रही है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि पुराने उपकरणों को बदला जा रहा है और एम्स दिल्ली स्तर की आधुनिक मशीनें स्थापित की जा रही हैं।

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आदर्श अस्पतालों में स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की तैनाती

प्रदेश के सभी विधानसभा क्षेत्रों में आदर्श अस्पताल खोले जा रहे हैं। पहले चरण में 44 विधानसभा क्षेत्रों में यह अस्पताल स्थापित किए जा चुके हैं जबकि दूसरे चरण में 15 और अस्पताल शुरू होने वाले हैं। इनमें गायनी, पीडियाट्रिक्स, सर्जरी, मेडिसिन, आर्थो और रेडियोलॉजी विभागों के छह विशेषज्ञ डॉक्टर अनिवार्य रूप से तैनात होंगे।

बुजुर्ग मरीजों के लिए रोगी मित्र योजना

अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के अवसर पर रिज मैदानए शिमला में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि बुजुर्ग मरीजों की सुविधा के लिए सरकार रोगी मित्र योजना शुरू करने पर विचार कर रही है। इस योजना के तहत वृद्धजनों की स्वास्थ्य जांच और उपचार को सरल व सुविधाजनक बनाया जाएगा।

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उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार पहले ही पशु मित्र और वन मित्र योजनाएं लागू कर चुकी है, जिनके अच्छे परिणाम सामने आए हैं। अब रोगी मित्र योजना भी बुजुर्गों के लिए एक बड़ी राहत साबित होगी।  मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार का लक्ष्य हिमाचल में स्वास्थ्य सेवाओं को नई ऊंचाई तक पहुंचाना है, ताकि किसी भी मरीज को इलाज के लिए बाहर जाने की आवश्यकता न पड़े।

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