शिमला। हिमाचल प्रदेश में लंबे समय से चल रहे स्कॉलरशिप घोटाले को लेकर चौंकाने वाले खुलासे सामने आ रहे है। CBI जांच में पाया गया की फर्जी छात्र दिखाकर करोड़ का स्कॉलरशिप घोटाला किया गया है। पंजाब और हरियाणा के संस्थानों ने हिमाचली प्रदेश के छात्रों के नाम पर स्कॉलरशिप के लिए खाते खुलवाए और चेकबुक अपने पास ही रख ली।
250 करोड़ का है स्कैम
ऐसे संस्थानों पर फर्जी छात्रों के नाम पर स्कॉलरशिप लेने का आरोप है जबकि हकीकत में इतने छात्र थे ही नहीं। प्रदेश में 250 करोड़ रुपये से अधिक के छात्रवृत्ति घोटाले की CBI जांच में पता चला है कि पंजाब व हरियाणा के शिक्षक संस्थानों ने हिमाचली छात्रों के नाम पर छात्रवृत्ति के लिए बैंक में खाते खुलवाए वहीं चेक व पासबुक अपने पास रखवा लीं।
यह भी पढ़ें : हिमाचल : युवती समेत 9 नशा तस्कर अरेस्ट, चिट्टे की खेप और कैश भी हुई बरामद
निजी संस्थानों पर लाखों डकारने के हैं आरोप
बता दें कि जांच में पता चला है की 238 निजी संस्थानों में 17 ऐसे हैं जिन पर 50 से 94 लाख रुपये की स्कॉलरशिप लेने का आरोप है | इस फ्रॉड के लिए संस्थानों ने हिमाचली छात्रों के दस्तावेजों का प्रयोग किया है।
सरकारी संस्थानों को केवल 12 % ही राशि मिली
जांच में यह बात भी सामने आई है कि SC, ST, के साथ-साथ पिछड़ा वर्ग के छात्रों के लिए केंद्र सरकार द्वारा प्रायोजित योजनाओं के तहत जरी की गई प्री मेट्रिक और पोस्ट मेट्रिक छात्रवृत्ति के तहत कुल राशि में से निजी संस्थानों ने 88 % राशि ली, जबकि सरकारी में केवल 12 % ही राशि मिली। इनमें हिमाचल, पंजाब और हरियाणा से संबंधित निजी संस्थान भी शामिल हैं।
यह भी पढ़ें : सुक्खू सरकार ने किसानों को दी बड़ी सौगात, अब सिर्फ 30 पैसे प्रति यूनिट में मिलेगी बिजली
इन संस्थानों की हो रही जांच
HIET(कांगड़ा), वेस्टवुड इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट जीरकपुर (पंजाब),आर्यन ग्रुप ऑफ कॉलेज राजपुरा (पंजाब), भाई गुरदास इंस्टीट्यूट आफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी संगरूर (पंजाब), हरियाणा के अंबाला स्थित ई-मैक्स ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के विरुद्ध मामले दर्ज कर छानबीन में जुटी है। CBI को इन संस्थानों से फर्जी छात्रों के दस्तावेज व राशि वसूलने के तथ्य मिले हैं।
पूछताछ में सामने आए कई नाम
CBI की जांच में पाया गया कि आर्यन ग्रुप ऑफ कॉलेज राजपुरा के साथ भाई गुरदास इंस्टीट्यूट आफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलाजी संगरूर में छात्रों से पूछताछ में सामने आया कि उनमें से कुछ छात्र कभी छात्रावास में रहे ही नहीं फिर भी उन्हें होस्टल में रहा दर्शाया गया।
यह भी पढ़ें : हिमाचल के मठ से 11 और 12 साल के तीन भिक्षु लापता - पुलिस खोज में जुटी
वेस्टवुड इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट जीरकपुर ने स्कॉलरशिप की राशि के लिए धोखाधड़ी कर हिमाचल के नौ छात्रों को होस्टल में दिखाया जबकि नौ छात्रों ने CBI पूछताछ में बताया कि वे तो डे स्कॉलर थे।
