मंडी। हिमाचल के मंडी जिला से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। यहां खेतों में फसलों को नुकसान पहुंचा रहे बंदरों को भगाने निकले एक जनप्रतिनिधि की गहरी खाई में गिरने से दर्दनाक मौत हो गई। बंदरों के आतंक से फसलों को बचाते-बचाते खुद इंसान की सांसें थम गईं। मृतक ग्राम पंचायत ताबण के चेवरी (वार्ड नंबर चार) के वर्तमान वार्ड सदस्य थे। इस दिल दहला देने वाले हादसे के बाद पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है।
बंदरों को भगाने गए थे, पूरी रात नहीं लौटे घर
प्राप्त जानकारी के मुताबिक करसोग तहसील के नेहल गांव के निवासी 46 वर्षीय सोम कृष्ण रविवार शाम को अपने खेतों की तरफ गए थे। उस समय इलाके में बंदरों का झुंड फसलों को तबाह कर रहा था। सोम कृष्ण उन्हें वहां से खदेड़ने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन जब वह देर रात तक वापस घर नहीं लौटे, तो परिजनों की चिंता बढ़ने लगी।
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अगले दिन परिवार को नाले में पड़ा मिला शव
रात भर परिजन और ग्रामीण अनहोनी की आशंका के बीच टॉर्च लेकर उन्हें तलाशते रहे। पूरी रात खोजने के बाद भी जब उनका कोई सुराग नहीं लगा, तो सोमवार सुबह फिर से सर्च ऑपरेशन चलाया गया। इस दौरान नेहल नाला के समीप ढांक से नीचे गहरी खाई में उनका शव पड़ा हुआ मिला। यह देखते ही परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा और चीख-पुकार मच गई।
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शरीर पर गंभीर चोटों के निशान
घटना की भनक लगते ही पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल भिजवाया। मृतक के शरीर पर ढांक से नीचे गिरने के कारण गंभीर चोटों के निशान मिले हैं। हालांकि, परिजनों ने किसी भी तरह की साजिश या शंका से इनकार करते हुए इसे एक हादसा ही बताया है।
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पुलिस ने शुरू की जांच
मामले की पुष्टि करते हुए पुलिस अधीक्षक (एसपी) विनोद कुमार ने बताया कि पुलिस ने दुर्घटना का मामला दर्ज कर आगामी कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सटीक कारणों और समय का पूरी तरह से खुलासा हो सकेगा।
