#राजनीति
September 8, 2026
सुक्खू सरकार में बड़े बदलाव की सुगबुगाहट- मुख्यमंत्री के बाद डिप्टी CM भी दिल्ली रवाना
दिल्ली में कांग्रेस नेतृत्व से मुलाकातों पर टिकी सबकी नजरें
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शिमला। हिमाचल की सियासत में एक बार फिर दिल्ली दौड़ ने चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया है। मुख्यमंत्री के दिल्ली पहुंचने के बाद अब उपमुख्यमंत्री का भी राजधानी के लिए रवाना होना और कुछ मंत्रियों की दिल्ली में मौजूदगी कई तरह के सियासी संकेत दे रही है। सवाल यही है कि क्या कांग्रेस हाईकमान के स्तर पर सरकार और संगठन को लेकर कोई बड़ा मंथन चल रहा है?
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू सोमवार को दिल्ली पहुंच गए थे। मंगलवार सुबह उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री भी शिमला से चंडीगढ़ के लिए रवाना हुए, जहां से वह हवाई मार्ग से दिल्ली जाएंगे।
उनके दिल्ली दौरे को ऐसे समय में अहम माना जा रहा है, जब प्रदेश में लंबे समय से मंत्रिमंडल विस्तार और संभावित फेरबदल को लेकर चर्चाएं चल रही हैं। चंद्र कुमार को भी दिल्ली बुलाए जाने की चर्चा
सूत्रों के मुताबिक कृषि मंत्री चौधरी चंद्र कुमार को भी कांग्रेस नेतृत्व की ओर से दिल्ली बुलाया गया है। वहीं शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर पहले से दिल्ली में मौजूद हैं।हालांकि रोहित ठाकुर का दिल्ली दौरा आधिकारिक तौर पर केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के कार्यक्रम में शामिल होने के लिए है। इसके बावजूद एक ही समय में कई बड़े नेताओं की दिल्ली में मौजूदगी ने प्रदेश की राजनीति में चर्चाओं को और हवा दे दी है।
मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चा अब सिर्फ नए मंत्री शामिल करने तक सीमित नहीं है। राजनीतिक गलियारों में मौजूदा मंत्रियों के विभाग बदलने और किसी मंत्री को कैबिनेट से हटाए जाने की अटकलें भी लगाई जा रही हैं।
माना जा रहा है कि 2027 के विधानसभा चुनाव को देखते हुए कांग्रेस सरकार और संगठन में बदलाव की संभावनाओं पर विचार कर सकती है। ऐसे में क्षेत्रीय संतुलन, सामाजिक समीकरण और मंत्रियों के प्रदर्शन जैसे पहलुओं को भी ध्यान में रखा जा सकता है।
अगर कैबिनेट में नए चेहरे को शामिल करने की बात आती है, तो कुल्लू से विधायक सुंदर ठाकुर का नाम प्रमुखता से लिया जा रहा है। CM सुक्खू कई मौकों पर सार्वजनिक रूप से सुंदर ठाकुर को मंत्री बनाए जाने के संकेत दे चुके हैं। इससे माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री की ओर से उनके नाम की पैरवी मजबूत है। हालांकि अंतिम निर्णय कांग्रेस हाईकमान को ही लेना है।
मुख्यमंत्री सुक्खू का मंगलवार को तीन केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात का कार्यक्रम भी है। इन बैठकों में हिमाचल से जुड़े लंबित मामलों और प्रदेश के विकास व वित्तीय हितों से जुड़े विषय उठाए जाने की संभावना है।
इसके साथ ही राजनीतिक तौर पर सबसे ज्यादा नजर इस बात पर है कि मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री की कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व के साथ कोई बैठक होती है या नहीं। फिलहाल ऐसी किसी बैठक का आधिकारिक कार्यक्रम सामने नहीं आया है।
विधानसभा चुनाव 2027 में होने हैं। ऐसे में कांग्रेस नेतृत्व के सामने सरकार की कार्यप्रणाली के साथ-साथ चुनावी समीकरणों को मजबूत करने की चुनौती भी है।
क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व, सामाजिक संतुलन, नेताओं की राजनीतिक सक्रियता और मंत्रियों के प्रदर्शन जैसे मुद्दे संभावित बदलावों में अहम हो सकते हैं।
फिलहाल किसी भी बदलाव को लेकर आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। मगर मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और मंत्रियों की दिल्ली में बढ़ी सक्रियता ने हिमाचल की सियासत में चर्चाओं को जरूर तेज कर दिया है। अब सबकी नजर कांग्रेस हाईकमान के साथ होने वाली संभावित बैठकों और उसके बाद सामने आने वाले फैसलों पर है।