#अपराध
September 6, 2026
हिमाचल: 28 साल की विवाहिता ने म*रने से पहले किया पति के जुल्मों का खुलासा; मां के लिए तड़प रहे दो मासूम
आठ साल पहले हुई थी महिला की शादी
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चंबा। हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में एक विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। भटियात क्षेत्र के थकोली गांव की रहने वाली 28 वर्षीय महिला ने कथित तौर पर जहरीला पदार्थ निगलकर आत्महत्या कर ली है।
मामले में मृतका के मायका पक्ष ने पति समेत ससुराल के अन्य लोगों पर लंबे समय से प्रताड़ित करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। बताया जा रहा है कि महिला की शादी हुए आठ साल हुए थे। महिला के दो छोटे-छोटे बच्चे भी हैं।
जानकारी के अनुसार, मृतका रूबी (28) मूल रूप से गांव गोला के भ्योरा क्षेत्र की रहने वाली थी। करीब आठ वर्ष पहले उसकी शादी सिहुंता के समीप स्थित थकोली गांव निवासी 35 वर्षीय पवन कुमार के साथ हुई थी।
आरोप है कि शादी के कुछ समय बाद ही रूबी को ससुराल में प्रताड़ना का सामना करना पड़ा। मायका पक्ष का कहना है कि उनकी बेटी लंबे समय से मानसिक रूप से परेशान थी और पति के साथ-साथ ससुराल पक्ष के व्यवहार से दुखी रहती थी।
बताया जा रहा है कि लगातार परेशानियों के बीच रूबी ने गेहूं में डालने वाली जहरीली दवा का सेवन कर लिया। जैसे ही उसकी हालत बिगड़ी, ससुराल पक्ष के लोग उसे उपचार के लिए सिविल अस्पताल शाहपुर लेकर पहुंचे। अस्पताल में उपचार के दौरान पुलिस को भी मामले की सूचना दी गई।
बताया जा रहा है कि शाहपुर अस्पताल में उपचाराधीन रहने के दौरान पुलिस ने महिला के बयान दर्ज किए थे। इन बयानों में रूबी ने अपने पति पर प्रताड़ित करने के आरोप लगाए थे। इसके बाद महिला की तबीयत लगातार बिगड़ती चली गई और चिकित्सकों ने उसे बेहतर इलाज के लिए टांडा मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया।
टांडा में चिकित्सकों ने महिला को बचाने का प्रयास किया, लेकिन उसकी हालत अत्यंत गंभीर बनी रही। आखिरकार इलाज के दौरान रूबी की मौत हो गई। महिला की मौत के बाद अब यह मामला और गंभीर हो गया है तथा पुलिस विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है।
पुलिस अब इस बात की गहनता से पड़ताल कर रही है कि आखिर वे कौन से हालात थे, जिनके चलते महिला को इतना बड़ा और जानलेवा कदम उठाना पड़ा। पुलिस महिला द्वारा अस्पताल में दिए गए बयान, मायका पक्ष के आरोप और अन्य परिस्थितियों की जांच कर रही है। मामले से जुड़े लोगों से भी पूछताछ की जा सकती है ताकि घटना के पीछे की वास्तविक वजह सामने आ सके।
मायका पक्ष का आरोप है कि रूबी को लंबे समय से उसके पति, सास और ससुर द्वारा परेशान किया जा रहा था। परिजनों का कहना है कि मृतका ने अपनी छोटी बहन के साथ भी अपनी परेशानियां साझा की थीं। उनका आरोप है कि ससुराल में लगातार मिल रही प्रताड़ना से परेशान होकर रूबी ने आखिरकार यह कदम उठाया।
महिला की मौत के बाद मायका पक्ष गहरे सदमे में है। परिजनों का कहना है कि उन्होंने अपनी बेटी को आठ वर्ष पहले विवाह के बाद खुशी-खुशी विदा किया था। मगर उन्हें अंदाजा नहीं था कि उसे ससुराल में इस तरह की परिस्थितियों का सामना करना पड़ेगा। परिवार ने मामले की निष्पक्ष और गहन जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
इस दर्दनाक घटना का सबसे अधिक असर रूबी के दो छोटे बच्चों पर पड़ा है। महिला के 4 और 7 वर्ष के दो बच्चे हैं, जिनके सिर से अब मां का साया उठ गया है। मासूम बच्चे अभी इस बात से पूरी तरह अनजान हैं कि उनकी मां अब इस दुनिया में नहीं रही। बताया जा रहा है कि बच्चे अपनी मां को ढूंढ रहे हैं और परिवार के लिए उन्हें इस सच्चाई से रूबरू कराना बेहद पीड़ादायक स्थिति बन गया है।
एक तरफ मायके में बेटी की मौत का गम है तो दूसरी ओर दो मासूम बच्चों का भविष्य भी परिवार के सामने बड़ा सवाल बनकर खड़ा हो गया है। मां की असमय मौत ने पूरे परिवार को झकझोर कर रख दिया है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।