मंडी। हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले से एक बेहद चिंताजनक और हैरान कर देने वाली खबर सामने आई है। मंडी शहर में सोशल मीडिया के जरिए फर्जी पहचान बनाकर एक नाबालिग को बहला-फुसलाकर अगवा किए जाने का मामला सामने आया है।

सोशल मीडिया पर पहचान

जानकारी के अनुसार, आरोपित ने सोशल मीडिया पर झूठे नाम और पहचान का इस्तेमाल कर नाबालिग से दोस्ती की। धीरे-धीरे विश्वास जीतने के बाद उसने मिलने की योजना बनाई। नाबालिग को आरोपित ने पूरी तरह से अपनी बातों में फंसा लिया।

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दिल्ली से हिमाचल आया युवक

मंगलवार को आरोपित दिल्ली से बस के माध्यम से मंडी पहुंचा और शाम के समय नाबालिग को बहाने से अपने साथ ले गया। इसके बाद वह मंडी बस स्टैंड पहुंचा और नाबालिग को दिल्ली जाने वाली बस में बैठाकर खुद भी दिल्ली की ओर रवाना हो गया।

लड़की को ले गया अपने साथ

जब देर शाम तक नाबालिग घर नहीं लौटी तो स्वजनों को अनहोनी की आशंका हुई। परिजनों ने तुरंत मंडी की शहरी पुलिस चौकी में शिकायत दर्ज करवाई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने बिना समय गंवाए नाबालिग की तलाश शुरू कर दी।

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थाने पहुंचे परिजन

मंडी पुलिस ने एक विशेष टीम का गठन किया और तकनीकी सहायता के साथ-साथ अन्य राज्यों की पुलिस से भी संपर्क साधा। चंडीगढ़, हरियाणा, दिल्ली और सिरमौर जिले के कालाअंब क्षेत्र की पुलिस को नाबालिग के हुलिये और आरोपित के मोबाइल नंबर सहित सभी जरूरी जानकारियां साझा की गईं।

बस में मिली लड़की

सूचना मिलते ही हरियाणा और दिल्ली पुलिस भी अलर्ट हो गई। बुधवार तड़के दिल्ली जा रही बस हरियाणा के पिपली क्षेत्र में चायपान के लिए रुकी। इसी दौरान पहले से सतर्क पुलिस टीम ने बस की जांच की और नाबालिग को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया। मौके से आरोपित अरहम, निवासी शाहीन बाग (दिल्ली) को हिरासत में ले लिया गया।

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इधर, मंडी पुलिस की टीम भी लगातार आरोपित का पीछा कर रही थी और पिपली पहुंचकर अन्य राज्यों की पुलिस से समन्वय किया। इसके बाद नाबालिग और आरोपित को बुधवार दोपहर बाद मंडी लाया गया।

लड़की ने पुलिस को बताया...

प्रारंभिक पूछताछ में नाबालिग ने पुलिस को बताया कि उसके साथ किसी तरह की जबरदस्ती या गलत हरकत नहीं हुई और वह पूरे समय बस में ही रही। नाबालिग और उसके स्वजनों ने फिलहाल मेडिकल जांच करवाने से भी मना कर दिया।

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इंटरनेट पर दोनों की दोस्ती

पुलिस ने वीरवार को नाबालिग के बयान मजिस्ट्रेट के समक्ष दर्ज करवाए। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इंटरनेट मीडिया के जरिए यह संपर्क कब और कैसे बना, आरोपित की मंशा क्या थी और कहीं इसके पीछे कोई संगठित नेटवर्क तो सक्रिय नहीं है। पुलिस मामले से जुड़े सभी पहलुओं की गहनता से जांच कर रही है।

अनजान लोगों से दोस्ती खतरनाक

उल्लेखनीय है कि, यह मामला एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करता है कि इंटरनेट मीडिया पर अनजान लोगों से दोस्ती कितनी खतरनाक साबित हो सकती है। पुलिस ने अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों पर नजर रखें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें- ताकि समय रहते ऐसे मामलों को रोका जा सके।

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