बिलासपुर। हिमाचल प्रदेश में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के बीच बिलासपुर से एक बार फिर चौंकाने वाला मामला सामने आया है। पुलिस ने शनिवार को पशु चिकित्सालय के पास एक विद्युत बोर्ड कर्मचारी को चिट्टे के साथ गिरफ्तार किया है।

चिट्टे संग गिरफ्तार सरकारी कर्मचारी

हैरानी की बात यह है कि विद्युत बोर्ड का ये कर्मचारी पिछले पांच महीनों में दूसरी बार पुलिस ने नशे की खेप के साथ पकड़ा है। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद विभागीय स्तर पर भी हलचल तेज हो गई है और कर्मचारी के खिलाफ सख्त कदम उठाने की तैयारी शुरू कर दी गई है।

यह भी पढ़ें- सावधान हिमाचल! 10 जिलों में तेज बारिश और आंधी-तूफान का अलर्ट, जानें कब आएगा मानसून

तस्कर तक कैसे पहुंची पुलिस?

पुलिस को गुप्त सूचना प्राप्त हुई थी कि पशु चिकित्सालय के आसपास एक व्यक्ति संदिग्ध परिस्थितियों में घूम रहा है और उसके पास नशीला पदार्थ हो सकता है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर संदिग्ध की तलाशी ली।

बिजली बोर्ड में कार्यरत है आरोपित

तलाशी के दौरान उसके कब्जे से 1.2 ग्राम चिट्टा बरामद हुआ। इसके बाद पुलिस ने उसे मौके पर ही हिरासत में लेकर गिरफ्तार कर लिया। आरोपी की पहचान सुरेंद्र कुमार के रूप में हुई है- जो कि बागी बिनौला, बिलासपुर का रहने वाला है।

 

यह भी पढ़ें : हिमाचल: DIG संजीव गांधी से वसूले जाएंगे 1.80 लाख रुपए, आवास खाली ना करने पर लगाया डैमेज चार्ज

उठ रहे कई गंभीर सवाल

बताया जा रहा है कि वह विद्युत बोर्ड मंडल बिलासपुर कार्यालय में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के पद पर कार्यरत है। सरकारी कर्मचारी के नशे से जुड़े मामले में बार-बार पकड़े जाने से विभाग की कार्यप्रणाली और कर्मचारियों की जवाबदेही को लेकर भी सवाल खड़े होने लगे हैं।

जनवरी में भी हो चुकी है गिरफ्तारी

यह पहला अवसर नहीं है जब सुरेंद्र कुमार का नाम चिट्टे के मामले में सामने आया हो। इससे पहले 11 जनवरी 2026 को भी उसे पुलिस ने एक अन्य व्यक्ति के साथ गिरफ्तार किया था।

यह भी पढ़ें : हिमाचल में भाजपा से हो गया 'खेला', शपथ से पहले इस MC के 11 पार्षदों पर केस दर्ज; थाने में बुलाए

पुलिसवाले के साथ कर रहा था सप्लाई

उस दौरान पुलिस ने सुंगल क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए सुरेंद्र कुमार और पुलिस विभाग के एक जवान को 2.85 ग्राम चिट्टा तथा 17,500 रुपये नकदी सहित पकड़ा था। उस मामले के बाद भी विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई थी।

 

क्यों नहीं हुई बर्खास्त?

जानकारी के अनुसार जनवरी में गिरफ्तारी के बाद विद्युत बोर्ड की ओर से कर्मचारी को निलंबित करने का प्रस्ताव भेजा गया था। हालांकि विभागीय स्वीकृति नहीं मिलने के कारण उस प्रस्ताव पर अंतिम निर्णय नहीं हो पाया था। अब दूसरी बार गिरफ्तारी होने के बाद विभाग के सामने और कड़ा रुख अपनाने की स्थिति बन गई है।

 

यह भी पढ़ें : NEET परीक्षा से पहले 3 अभ्यर्थियों ने दे दी जा.न, असफलता के डर ने छीनी सांसें; सुक्खू सरकार ने की ये अपील

विभाग की छवि हो रही खराब

विद्युत बोर्ड मंडल बिलासपुर के अधीक्षण अभियंता गौरव शर्मा ने बताया कि पहले भेजे गए प्रस्ताव पर अभी तक मंजूरी प्राप्त नहीं हुई है। मगर ताजा मामले के बाद कर्मचारी के खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि नशे से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाएगी और ऐसे मामलों से विभाग की छवि प्रभावित होती है। इसी कारण कर्मचारी को सेवा से बर्खास्त करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।

नशे के खिलाफ अभियान के बीच बढ़ी चिंता

विदित रहे कि, प्रदेश सरकार और पुलिस विभाग लगातार चिट्टा तस्करी तथा नशे के नेटवर्क को तोड़ने के लिए अभियान चला रहे हैं। इसके बावजूद सरकारी कर्मचारियों के नाम ऐसे मामलों में सामने आना चिंता का विषय माना जा रहा है।

नोट : ऐसी ही तेज़, सटीक और ज़मीनी खबरों से जुड़े रहने के लिए इस लिंक पर क्लिक कर हमारे फेसबुक पेज को फॉलो करें