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June 20, 2026

NEET परीक्षा से पहले 3 अभ्यर्थियों ने दे दी जा.न, असफलता के डर ने छीनी सांसें; सुक्खू सरकार ने की ये अपील

हिमाचल सरकार ने नीट परीक्षार्थियों को एचआरटीसी बसों में दी है फ्री सफर की सौगात

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Neet exam

शिमला। देशभर के प्रतिष्ठित मेडिकल कॉलेजों में दाखिले और डॉक्टर बनने के सपने को साकार करने वाली राष्ट्रीय पात्रता सह-प्रवेश परीक्षा (NEET-UG 2026) कल यानी 21 जून को आयोजित होने जा रही है। इस महा-इम्तिहान को लेकर हिमाचल प्रदेश सहित देश भर के लाखों अभ्यर्थियों में गहन चिंतन का दौर जारी है। हर कोई सफलता के शिखर को छूने के लिए अपनी दिन-रात की मेहनत को अंतिम रूप देने में जुटा है। लेकिन, इस सुनहरे भविष्य की चाहत और उम्मीदों के भारी-भरकम बोझ के बीच एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाली खबर सामने आई है। डॉक्टर बनने का सपना पूरा न होता देख और असफलता के गहरे खौफ के चलते तीन होनहार नीट अभ्यर्थियों ने परीक्षा से ठीक पहले मौत को गले लगा लिया है।

परीक्षा से पहले तीन परिवारों पर टूटा दुखों का पहाड़

जानकारी के अनुसार उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में नीट की तैयारी कर रहे 22 वर्षीय छात्र ने अपने कमरे में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। बताया जा रहा है कि छात्र लंबे समय से मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी कर रहा था और कई बार प्रयास करने के बावजूद उसे अपेक्षित सफलता नहीं मिल पा रही थी। मृतक छात्र ने आत्महत्या से पहले एक वीडियो भी रिकॉर्ड किया था।'

 

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वीडियो में उसने परीक्षा और भविष्य को लेकर अपने मन की पीड़ा व्यक्त की। बताया जा रहा है कि वह लगातार असफलताओं के कारण मानसिक तनाव से गुजर रहा था। उधर तमिलनाडु में भी दो मेडिकल अभ्यर्थियों ने परीक्षा में सफल न होने की आशंका और मानसिक दबाव के चलते आत्मघाती कदम उठा लिया। इन घटनाओं ने एक बार फिर परीक्षा आधारित तनाव की गंभीरता को उजागर कर दिया है।

नीट को लेकर देशभर में बढ़ा दबाव

हर वर्ष लाखों छात्र डॉक्टर बनने का सपना लेकर नीट परीक्षा में बैठते हैं, लेकिन सीमित सीटों और कड़ी प्रतिस्पर्धा के कारण परीक्षा का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि विद्यार्थियों को परीक्षा को जीवन और मृत्यु का प्रश्न नहीं मानना चाहिए, क्योंकि किसी एक परीक्षा का परिणाम जीवन की अंतिम मंजिल तय नहीं करता।

 

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हिमाचल सरकार का संवेनदशील फैसला

तनाव के इसी माहौल के बीच हिमाचल प्रदेश सरकार ने प्रदेश के अभ्यर्थियों के लिए एक बेहद सराहनीय और संवेदनशील फैसला लिया है। प्रदेश के उप-मुख्यमंत्री व परिवहन मंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने आदेश जारी करते हुए बताया कि हिमाचल पथ परिवहन निगम (HRTC) कल यानी 21 जून को नीट परीक्षा देने जा रहे सभी विद्यार्थियों को मुफ्त बस यात्रा की सुविधा देगा। सरकार ने यह कदम इसलिए उठाया है ताकि दूरदराज के क्षेत्रों से आने वाले विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों पर किसी भी तरह का आर्थिक या मानसिक बोझ न पड़े और वे बिना किसी अतिरिक्त चिंता के तनावमुक्त होकर परीक्षा केंद्र तक पहुंच सकें।

 

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एडमिट कार्ड ही होगा टिकट

परिवहन विभाग द्वारा जारी आधिकारिक आदेशों के मुताबिक परीक्षार्थियों को उनके घर से परीक्षा केंद्र तक जाने और परीक्षा समाप्त होने के बाद वापस घर लौटने के लिए कोई किराया नहीं देना होगा। बस में सफर के दौरान अभ्यर्थियों को केवल अपना नीट परीक्षा का एडमिट कार्ड (प्रवेश पत्र) दिखाना होगा, जिसे ही उनका वैध टिकट माना जाएगा। सरकार की इस पहल का मकसद छात्रों को सफर की जद्दोजहद से बचाकर उनका ध्यान पूरी तरह से परीक्षा पर केंद्रित रखना है।

तनाव मुक्त होकर परीक्षा देने की अपील

प्रदेश सरकार ने विद्यार्थियों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार के मानसिक दबाव में आए बिना परीक्षा में शामिल हों। सरकार का मानना है कि परीक्षा के दौरान विद्यार्थियों को सकारात्मक माहौल मिलना चाहिए ताकि वे अपनी पूरी क्षमता के साथ प्रदर्शन कर सकें। देशभर में जहां लाखों विद्यार्थी अपने सपनों को साकार करने के लिए परीक्षा केंद्रों की ओर बढ़ रहे हैं, वहीं नीट परीक्षा से पहले हुई तीन आत्महत्या की घटनाएं यह याद दिलाती हैं कि सफलता महत्वपूर्ण जरूर है, लेकिन जीवन उससे कहीं अधिक मूल्यवान है।

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