राजगढ़ (सिरमौर)। हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिला के एक अस्पताल में मिले नवजात के शव मामले में सनसनीखेज खुलासे हुए हैं। राजगढ़ के सिविल अस्पताल के शौचालय में मिले नवजात के शव मामले में पुलिस जांच ने ऐसे चौंकाने वाले रहस्य उजागर किए हैं, जिन्होंने हर किसी को हैरान कर दिया है। यह मामला अब केवल एक संदिग्ध घटना नहीं रहा, बल्कि एक मासूम के साथ हुए अन्याय और समाज के काले सच को उजागर करने वाला गंभीर प्रकरण बन चुका है।

15 साल की लड़की निकली नवजात की मां

दरअसल अस्पताल के शौचालय में शव मिलने की जांच के दौरान पुलिस ने लगातार प्रयास करते हुए नवजात की मां तक पहुंच बना ली। जब सच्चाई सामने आई तो हर कोई स्तब्ध रह गया। नवजात की मां कोई परिपक्व महिला नहीं, बल्कि महज 15 वर्ष की एक किशोरी निकली। इस खुलासे ने पूरे मामले को और भी संवेदनशील बना दिया। इससे भी चौंकाने वाला खुलासा पुलिस ने यह किया है कि 15 साल की लड़की के साथ दुष्कर्म हुआ था, जिसका ही नतीजा यह नवजात था।

 

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शौचालय में मिला था नवजात का शव

बता दें कि बुधवार की सुबह राजगढ़ के सिविल अस्पताल के शौचालय में सफाई कर्मी ने एक नवजात का शव देखा था। पुलिस जांच में यह साढ़े पांच महीने का यह निर्जीव भ्रूण पाया गया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की और मात्र 24 घंटों में ही इसकी परतों को उधेड़ना शुरू कर दिया। पुलिस जांच में जो सच्चाई सामने आई, उसने मानवता को शर्मसार कर दिया।

अस्पताल इलाज को आई, पर हो गया गर्भपात

जांच के दौरान यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि करीब साढ़े 15 साल की एक किशोरी पेट में असहनीय दर्द के कारण अस्पताल आई थी। दर्द से कराहती वह मासूम जैसे ही शौचालय गई, वहां उसका गर्भपात हो गया। डर और लोक-लाज के भय से वह घबराई हुई लड़की भ्रूण को वहीं छोड़कर अस्पताल से नौ दो ग्यारह हो गई। पुलिस ने जब अस्पताल के कैमरों की फुटेज खंगाली तो संदिग्ध हालत में भागती हुई लड़की दिखाई दी, जिसके बाद उसकी तलाश तेज कर दी गई।

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पूछताछ में हुआ दुष्कर्म का खुलासा

पुलिस ने कड़ी मशकत के बाद इस लड़की को खोज निकाला, पूछताछ में लड़की ने बड़ा खुलासा किया। किशोरी ने बताया कि कुछ समय पहले एक 20 से 22 साल के युवक ने उसके साथ जबरन दुष्कर्म किया था। जिसके चलते वह गर्भवती हो गई। वह डर के मारे चुप रही और भीतर ही भीतर इस दर्द को सहती रही। साढे़ पांच महीने तक वह इस पाप के बोझ को ढोती रही और जब दर्द बर्दाश्त से बाहर हुआ तो अस्पताल पहुंची, जहां उसका गर्भपात हो गया। 

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पुलिस कर रही आरोपी युवक की तलाश

इस सनसनीखेज मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक एनएस नेगी ने स्वयं कमान संभाली है। उन्होंने बताया कि आरोपी युवक की पहचान कर ली गई है और उसके खिलाफ यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम के तहत कड़ी धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने बरामद किए गए भ्रूण को फोरेंसिक प्रयोगशाला भेज दिया है ताकि आरोपी के पकड़े जाने के बाद उसका डीएनए मिलान किया जा सके। पुलिस प्रशासन का कहना है कि आरोपी को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर उसे सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।

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