#अपराध
April 21, 2026
मुंबई से ऑनलाइन हिमाचल भेजी जा रही थी 'नकली दवाएं' नशे के लिए हो रहा था प्रयोग; बड़े रैकेट का पर्दाफाश
मोहम्मद अहमद मुंबई से हिमाचल भेज रहा था नकली दवाएं
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शिमला/ चंबा। हिमाचल प्रदेश में स्वास्थ्य विभाग ने एक बड़े ऑनलाइन नकली दवा रैकेट का पर्दाफाश करते हुए चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। जांच में सामने आया है कि मुंबई से नकली दवाएं तैयार कर कुरियर के जरिए हिमाचल भेजी जा रही थीं। इन दवाओं पर एक नामी कंपनी की मुहर लगाकर उन्हें असली बताकर बेचा जा रहा था, जबकि कंपनी का इनसे कोई लेना.देना नहीं था।
यह गिरोह दवाओं को भेजने के लिए कूरियर सेवाओं का सहारा ले रहा था। बिना किसी वैध बिल या रिकॉर्ड के ये दवाएं ऑनलाइन माध्यम से सीधे चंबा और प्रदेश के अन्य हिस्सों में पहुंचाई जा रही थीं। इस खेल का पर्दाफाश तब हुआ जब ड्रग इंस्पेक्टर लवली ठाकुर ने जुलाहकड़ी के एक व्यक्ति को 750 कैप्सूल के साथ दबोचा। पूछताछ में कड़ी से कड़ी जुड़ती गई और तार सीधे यूपी निवासी मोहम्मद अहमद तक जा पहुंचे, जो मुंबई से इस पूरे नेटवर्क को ऑपरेट कर रहा था।
इस पूरे गोरखधंधे की कार्यप्रणाली बेहद शातिर थी। जांच में सामने आया है कि मुख्य आरोपी मोहम्मद अहमद मुंबई में बैठकर दिमागी बीमारी के इलाज में इस्तेमाल होने वाली 'प्रेगाबलिन' की नकली दवाएं तैयार कर रहा था। हैरानी की बात यह है कि इन नकली दवाओं पर एक नामी फार्मा कंपनी की मुहर (ठप्पा) लगाई जा रही थी, ताकि किसी को शक न हो। जब ड्रग इंस्पेक्टर ने संबंधित कंपनी को नोटिस जारी कर जांच की, तो कंपनी ने साफ कर दिया कि उन्होंने ऐसी कोई दवा बनाई ही नहीं है। यानी कंपनी के नाम का इस्तेमाल कर मौत का सामान बेचा जा रहा था।
स्वास्थ्य विभाग की जांच में एक चिंताजनक पहलू यह भी सामने आया है कि इन नकली दवाओं का इस्तेमाल युवा वर्ग दवाओं के तौर पर नहीं, बल्कि 'नशे' के विकल्प के रूप में कर रहा था। बिना बिल के मिल रही इन दवाओं को गैरकानूनी तरीके से ऊंचे दामों पर बेचकर गिरोह चांदी कूट रहा था। आरोपी को अदालत ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है, जबकि उसके द्वारा बताए गए चार अन्य साथियों की तलाश में पुलिस और विभाग की टीमें दबिश दे रही हैं।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार पिछले कुछ समय में चंबा जिले में अवैध और नशीली दवाओं के कारोबार के कई मामले सामने आए हैं। विभाग अब यह भी पता लगाने में जुटा है कि यह नेटवर्क किन.किन राज्यों तक फैला हुआ है और अब तक कितनी मात्रा में नकली दवाएं बाजार में पहुंच चुकी हैं।
राज्य दवा नियंत्रक ने स्पष्ट किया है कि इस पूरे नेटवर्क को जड़ से खत्म करने के लिए हर स्तर पर जांच की जा रही है और इसमें शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। यह कार्रवाई न केवल अवैध दवा कारोबार पर सख्ती का संकेत हैए बल्कि युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाने की दिशा में भी एक बड़ा कदम माना जा रहा है।