सिरमौर। जिस डॉक्टर पर लोग अपनी जान का भरोसा करते हैं, जो मरीजों को सही राह दिखाकर उन्हें स्वस्थ जीवन की ओर ले जाता है, अगर वही डॉक्टर नशे के जाल में फंसा मिले, तो यह समाज के लिए बेहद चौंकाने वाली बात है। ऐसा ही एक हैरान कर देने वाला मामला जिला सिरमौर से सामने आया है, यहां पुलिस ने नशे के काले धंधे में लिप्त एक डॉक्टर को गिरफ्तार किया है।
पूछताछ में खुली मामले की परतें
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मामला सिरमौर जिला मुख्यालय नाहन का है। यहां पुलिस ने NDPS एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए 31 मार्च को दो युवकों, अभिमन्यु ठाकुर और भानु गर्ग को चिट्टे (हेरोइन) के साथ गिरफ्तार किया। शुरुआत में यह एक सामान्य ड्रग्स पकड़ने का मामला लग रहा था, लेकिन जैसे-जैसे पुलिस ने पूछताछ को आगे बढ़ाया, वैसे-वैसे मामले की परतें खुलती चली गईं।
यह भी पढ़ें : IITian बाबा ने हिमाचल में की शादी : एक साल से चल रही थी लव स्टोरी, जानें कौन है लड़की?
चिट्टा लाने के लिए भेजे थे दोनों आरोपी
पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने जो जानकारी दी, उसने पुलिस को भी हैरान कर दिया। जांच में सामने आया कि हरिपुरधार के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में तैनात डॉक्टर आदित्य शर्मा ने ही इन युवकों को हरियाणा के नारायणगढ़ से 6.68 ग्राम चिट्टा मंगवाने के लिए भेजा था। यानी जो डॉक्टर लोगों को नशे से दूर रहने की सलाह देता है, वही खुद इस गैरकानूनी धंधे से जुड़ा हुआ था।
व्हाट्सएप चैट और ट्रांजेक्शन से खुला नशे का राज
जांच के दौरान पुलिस को कई जरूरी सबूत मिले हैं। इनमें 9,180 रुपये के ऑनलाइन लेन-देन का रिकॉर्ड और व्हाट्सएप चैट शामिल हैं, जिनसे साफ पता चलता है कि पूरा मामला आपस में जुड़ा हुआ है। इन सब चीजों को देखकर लग रहा है कि यह कोई छोटा-मोटा काम नहीं, बल्कि प्लान बनाकर किया जा रहा था।
यह भी पढ़ें : हिमाचल में घर बनाना हुआ और महंगा : लोगों को दोहरी मार- सीमेंट 15, सरिया 1000 रुपए उछला
डॉक्टर निकला नशे का आदी
प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी डॉक्टर पहले केंद्रीय कारागार में भी तैनात रह चुका है और काफी समय से नशे का आदी था। पुलिस को शक है कि वह सिर्फ खुद नशा नहीं करता था, बल्कि इस पूरे नेटवर्क का हिस्सा भी हो सकता है। पूछताछ में विक्की नाम के एक व्यक्ति का जिक्र भी सामने आया है, जिससे यह चिट्टा खरीदा गया था। अब पुलिस इस विक्की की तलाश में भी जुट गई है, ताकि पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके।
3 दिन रिमांड के बाद डॉक्टर न्यायिक हिरासत में
पुलिस ने आरोपी डॉक्टर को तीन दिन की रिमांड पर लेकर पूछताछ की, जिसके बाद उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। फिलहाल उसे नाहन स्थित आदर्श केंद्रीय कारागार में रखा गया है। वहीं, उसके मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल डिवाइस को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है, ताकि और पुख्ता सबूत जुटाए जा सकें।
यह भी पढ़ें : हिमाचल में मौसम का कहर : 5 जिलों में तूफान, ओलों और तेज बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी
पुलिस कर रही मामले की जांच
मामले को लेकर सिरमौर पुलिस अधीक्षक एनएस नेगी ने कहा है कि जांच हर एंगल से की जा रही है और आने वाले दिनों में इस मामले में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि यह मामला किसी बड़े ड्रग नेटवर्क से जुड़ा हो सकता है।
