सिरमौर। हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के राजगढ़ स्थित एटर्नल यूनिवर्सिटी पहले भी अपनी व्यवस्थाओं को लेकर विवादों में रह चुकी है। कभी हॉस्टल मेस में खराब खाने को लेकर सवाल उठे थे, तो अब एक नए मामले ने यूनिवर्सिटी की छवि पर फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। गर्ल्स हॉस्टल से जुड़ी इस घटना के सामने आने के बाद छात्राओं की सुरक्षा और उनकी निजता को लेकर गंभीर चिंता पैदा हो गई है। मामले ने न केवल विश्वविद्यालय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि हॉस्टल में सुरक्षा इंतजामों को लेकर भी बड़ी बहस छेड़ दी है।

शौचालय के अंदर बनाया वीडियो

ताजा जानकारी के अनुसार, विश्वविद्यालय के गर्ल्स हॉस्टल में एक सफाई कर्मचारी द्वारा शौचालय के अंदर मोबाइल फोन से वीडियो बनाए जाने का मामला सामने आया है। जैसे ही इस बात की भनक छात्राओं को लगी, पूरे गर्ल्स हॉस्टल परिसर में अफरा-तफरी और गुस्से का माहौल बन गया। छात्राओं ने तुरंत इसका विरोध करना शुरू कर दिया और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए।

 

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बताया जा रहा है कि जिस कर्मचारी पर आरोप लगा है, उसने शौचालय के अंदर मोबाइल से वीडियो रिकॉर्ड किए थे। हालांकि यह अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है कि ये वीडियो किस उद्देश्य से बनाए गए थे और क्या उनका किसी तरह से गलत इस्तेमाल किया गया या नहीं। लेकिन इस घटना के बाद छात्राओं के बीच डर और असुरक्षा का माहौल साफ देखा जा रहा है।

किसी और को भेज अपने फोन से डिलीट किया वीडियो

सूत्रों के अनुसार, घटना सामने आने के बाद आरोपी कर्मचारी ने अपने मोबाइल से वीडियो डिलीट कर दिए थे, लेकिन छात्राओं को इस बात का शक है कि वीडियो डिलीट करने से पहले उन्हें कहीं और भेजा या फॉरवर्ड किया जा चुका हो सकता है। इसी आशंका के चलते मामला और गंभीर हो गया है।

 

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पुलिस को दी घटना की सूचना

घटना के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने शुरुआती स्तर पर मामले को अंदरूनी तौर पर सुलझाने की कोशिश की और तुरंत एक बैठक भी बुलाई गई। लेकिन जैसे-जैसे मामला बढ़ता गया और छात्राओं का विरोध तेज हुआ, उसके करीब ढाई घंटे बाद प्रशासन ने पच्छाद पुलिस को इसकी सूचना दी। सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी गई।

कर्मचारियों के मोबाइल फोन भी कब्जे

पुलिस ने इस मामले से जुड़े कुछ कर्मचारियों के मोबाइल फोन भी कब्जे में ले लिए हैं ताकि उनकी जांच की जा सके और यह पता लगाया जा सके कि वीडियो वास्तव में बनाए गए थे या नहीं, और यदि बनाए गए थे तो उनका क्या किया गया।

 

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भाने की कोशिश कर रहे आरोपी की हुई धुलाई

जानकारी यह भी सामने आई है कि जिस मजदूर पर आरोप है, वह झारखंड का रहने वाला है। बताया जा रहा है कि घटना के बाद वह मौके से भागने की कोशिश कर रहा था, लेकिन छात्राओं ने उसे पकड़ लिया और विरोध के दौरान उसकी पिटाई भी की, जिसके बाद उसे पुलिस के हवाले कर दिया गया।

बाहरी कर्मचारियों की तैनाती के दौरान होनी चाहिए थी जांच 

इस पूरे मामले के बाद सबसे बड़ा सवाल यूनिवर्सिटी की सुरक्षा व्यवस्था पर उठ रहा है। खासकर यह कि गर्ल्स हॉस्टल जैसे संवेदनशील क्षेत्र में बाहरी कर्मचारियों की तैनाती के दौरान पर्याप्त जांच और निगरानी क्यों नहीं रखी गई। साथ ही यह भी सवाल है कि क्या कर्मचारियों के मोबाइल फोन पर पहले से कोई सख्त रोक या निगरानी व्यवस्था होनी चाहिए थी ताकि इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।

 

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पुलिस कर रही मामले की जांच 

उत्तर भारत की एकमात्र गर्ल्स यूनिवर्सिटी होने का दावा करने वाले इस संस्थान में इस तरह की घटना ने छात्राओं और अभिभावकों दोनों की चिंता बढ़ा दी है। फिलहाल पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है और अभी तक किसी भी तरह का आधिकारिक निष्कर्ष सामने नहीं आया है।