शिमला। हिमाचल प्रदेश में चिट्टे के खिलाफ सख्त कार्रवाई लगातार जारी है। पुलिस प्रशासन नशे के मुख्य सप्लायरों को पकड़कर इस काले धंधे को जड़ से खत्म करने में जुटा हुआ है। इसी कड़ी में ताजा मामला जिला शिमला से सामने आया है, जहां पुलिस ने चिट्टा तस्करी के एक बड़े नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई की और तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया, जिससे नशा तस्करों के बीच हड़कंप मच गया है।

गुप्त सूचना पर त्वरित कार्रवाई

प्राप्त जानकारी के अनुसार, मामला जिला शिमला के चिड़गांव के बडियारा क्षेत्र का है। पुलिस नाका लगाकर गाड़ियों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान टीम को एक विश्वसनीय गुप्त सूचना मिला कि  चिड़गांव के बडियारा क्षेत्र में नशा तस्करी की गतिविधियां चल रही हैं।

 

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आरोपी के कब्जे से चिट्टा बरामद 

सूचना मिलते ही पुलिस ने तुरंत रणनीति बनाई और उस क्षेत्र में दबिश दी। बताई गई लॉकेशन पर एक युवक था। पुलिस ने युवक की तलाशी ली। इस दौरान आरोपी ललित कुमार उर्फ बनी, निवासी गांव सुंधा भौंडा, के कब्जे से लगभग 6 ग्राम हेरोइन (चिट्टा) बरामद की गई। पुलिस ने तीनों को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया। 

पुलिस ने खंगाला आरोपी का लिंक 

पुलिस ने आरोपी ललित के खिलाफ NDPS एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया। पुलिस की गहन जांच और इस नेटवर्क के बैकवर्ड लिंक को खंगालने के प्रयासों के बाद 28 मार्च को इस तस्करी नेटवर्क के दो और आरोपियों को धर दबोचा गया। 

 

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आरोपियों की पहचान

शिशु पाल (43)
रवि चौहान (31), निवासी गांव बरटू, डाकघर सीमा, तहसील रोहड़ू के रूप में हुई है। 

 

पुलिस कर रही मामले की जांच 

इनके खिलाफ भी NDPS एक्ट की धारा 29 के तहत कार्रवाई की गई है। ASP शिमला गौरव सिंह ने बताया कि पुलिस इस पूरे नेटवर्क की तफ्तीश में लगी हुई है। उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई इस बात का उदाहरण है कि पुलिस नशे के खिलाफ सख्त है और किसी भी व्यक्ति या समूह को इस काले धंधे में शामिल होने की छूट नहीं दी जाएगी। 

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