कांगड़ा। हिमाचल प्रदेश में बच्चियों, युवतियों और महिलाओं के साथ हो रहे यौन उत्पीड़न के मामले बढ़ते जा रहे हैं। जो बेहद चिंता का विषय है। अब ताजा मामला जिला कांगड़ा से सामने आया है। यहां पर एक PG प्रशिक्षु डॉक्टर ने ब्लड बैंक के कर्मचारी पर छेड़छाड़ का आरोप लगाया है। जिसके बाद माहौल काफी गरमा गया।

मरीज के लिए प्लेटलेट्स लेने ब्लड बैंक पहुंची थीं डॉक्टर

प्राप्त जानकारी के अनुसार, मामला जिला कांगड़ा के डा. राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल टांडा से सामने आया है। OBG विभाग में प्रथम वर्ष की PG प्रशिक्षु डॉक्टर के मुताबिक, वह 28 सितंबर की शाम करीब 4:30 बजे एक मरीज के लिए प्लेटलेट्स की व्यवस्था करने ब्लड बैंक गई थीं। मरीज की हालत गंभीर थी और डॉक्टरों ने इमरजेंसी में सीजेरियन करने की तैयारी की थी। ऐसे में ऑपरेशन से पहले प्लेटलेट्स का इंतजाम करना जरूरी था।

 

यह भी पढ़ें- मेजर मनकोटिया की सैन्य सम्मान के साथ होगी अंतिम विदाई : बेटा-बेटी विदेश में, हो रहा इंतजार

मरीज की हालत को देखते हुए प्लेटलेट्स जरूरी थे

शिकायत में बताया गया है कि मरीज को एब्रप्शियो प्लेसेंटा के साथ थ्रोम्बोसाइटोपेनिया था। उसका प्लेटलेट काउंट करीब 70 हजार प्रति माइक्रोलीटर था। इमरजेंसी की स्थिति को देखते हुए डॉक्टर प्लेटलेट्स लेने ब्लड बैंक पहुंची थीं।

डॉक्टर का आरोप- पीछे से आकर दोनों हाथों से पकड़ा

डॉक्टर ने शिकायत में आरोप लगाया है कि ब्लड बैंक में ड्यूटी पर तैनात ब्लड बैंक कर्मचारी जोनी धीमान से जब उन्होंने प्लेटलेट्स के बारे में पूछा तो पहले उसने देने से इनकार किया। इसके बाद उसने स्टोरेज एरिया में जाकर जांच करने के लिए कहा।

 

यह भी पढ़ें- मेजर मनकोटिया की सैन्य सम्मान के साथ होगी अंतिम विदाई : बेटा-बेटी विदेश में, हो रहा इंतजार

 

डॉक्टर के अनुसार, वहां जाते समय ब्लड बैंक कर्मचारी ने कई बार उनके कंधे के आसपास हाथ रखा, जिससे वह असहज हो गईं। इसके बाद जब वह एक फार्म भर रही थीं और उनकी पीठ कर्मचारी की तरफ थी, तभी वह पीछे से आया और दोनों हाथों से उन्हें पकड़ लिया। डॉक्टर का कहना है कि उन्होंने तुरंत खुद को छुड़ाया और वहां से चली गईं।

घटना के कुछ घंटे बाद सीनियर डॉक्टरों को बताई बात

शिकायत के अनुसार, घटना के बाद डॉक्टर काफी परेशान और असहज थीं। उन्होंने तुरंत किसी को इसकी जानकारी नहीं दी। करीब तीन से चार घंटे बाद उन्होंने इस बारे में वरिष्ठ रेजिडेंट डॉक्टरों को बताया। इसके बाद उनकी सलाह पर उन्होंने मामले की लिखित शिकायत चिकित्सा अधीक्षक को दी।

यह भी पढ़ें- HP : अपने बेटे का जन्मतिथि तक नहीं जानता था शख्स, पत्नी पर लगाए आरोप- कोर्ट ने बुरी तरह लताड़ा

मरीज के इलाज के लिए दस्तावेज लेने गई थीं डॉक्टर

डॉक्टर ने अपनी शिकायत में बताया कि वह मरीज के इलाज के लिए जरूरी इंतजाम करने ब्लड बैंक गई थीं। उन्हें यह पता करना था कि प्लेटलेट्स मौजूद हैं या नहीं और जरूरत पड़ने पर उन्हें जारी करने से जुड़ा कागज भी चाहिए था। इसी वजह से उनकी ब्लड बैंक के कर्मचारी से बात हुई थी।

कार्रवाई की मांग, अस्पताल प्रशासन ने नहीं दी जानकारी

PG प्रशिक्षु डॉक्टर ने शिकायत में संबंधित तकनीशियन के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। वहीं, मामले को लेकर मंगलवार को चिकित्सा अधीक्षक कार्यालय में बैठकों का दौर चलता रहा। हालांकि, मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल प्रशासन की ओर से अभी तक यह जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है कि शिकायत पर क्या कार्रवाई की गई है।

यह भी पढ़ें- हिमाचल बॉर्डर पर सनकी CISF जवान का कांड : साथियों पर की फाय**रिंग, 4 ने तोड़ा दम

चिकित्सा अधीक्षक ने नहीं उठाया फोन

इस मामले में पक्ष जानने के लिए चिकित्सा अधीक्षक डा. विवेक बन्याल से उनके मोबाइल नंबर पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया। प्रशासन की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया मिलने के बाद मामले की तस्वीर और स्पष्ट हो सकेगी।