कांगड़ा। देवभूमि हिमाचल प्रदेश के जिला कांगड़ा में एक धार्मिक स्थल पर तोड़फोड़ का बेहद गंभीर मामला सामने आया है। जिससे स्थानीय लोगों में काफी रोष है। मामला ज्वालामुखी के नगर परिषद के वार्ड नंबर पांच स्थित गणेश कॉलोनी के शनिदेव मंदिर से जुड़ा है, जहां मंगलवार रात शनि देव और भैरव बाबा की मूर्तियां खंडित कर दी गईं।
सुबह मंदिर पहुंचने पर सामने आई घटना
अगली सुबह जब श्रद्धालु और स्थानीय लोग मंदिर पहुंचे तो वहां मूर्तियों को क्षतिग्रस्त हालत में देखकर हड़कंप मच गया। घटना की सूचना पुलिस को दी गई, जिसके बाद टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। इसी दौरान वार्ड नंबर नौ स्थित शिव मंदिर में भी तोड़फोड़ किए जाने की सूचना सामने आई। दोनों घटनाओं की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने आसपास के इलाकों में संदिग्ध व्यक्ति की तलाश शुरू कर दी।
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घर पर नहीं मिला आरोपी, फिर बस स्टैंड के आसपास तलाश
जांच के दौरान पुलिस को एक संदिग्ध व्यक्ति के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिली। टीम ने उसके घर पर दबिश दी, लेकिन वह वहां मौजूद नहीं था। इसके बाद पुलिस ने ज्वालामुखी बस स्टैंड और आसपास के क्षेत्रों में तलाश शुरू की। करीब दो घंटे तक चले सर्च अभियान के बाद पुलिस को संदिग्ध व्यक्ति मिल गया। बाद पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए करीब 10 घंटे के भीतर एक संदिग्ध आरोपी को गिरफ्तार किया है।
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उसे हिरासत में लेकर थाना ज्वालामुखी ले जाया गया, जहां पूछताछ के दौरान उसने मंदिर में तोड़फोड़ करने की बात स्वीकार की। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार व्यक्ति की पहचान वीरेंद्र उर्फ विक्की, निवासी रैखा, तहसील ज्वालामुखी के रूप में हुई है। शुरुआती पूछताछ में आरोपी ने पुलिस को बताया कि घटना के समय वह नशे में था। घर में हुए विवाद के बाद वह गुस्से में मंदिर पहुंचा और वहां मूर्तियों को नुकसान पहुंचाया।
CCTV से नहीं मिली ज्यादा मदद
पुलिस ने घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली, लेकिन जांच में उनसे कोई विशेष सुराग नहीं मिल पाया। इसके बावजूद पुलिस को मिली सूचना और लगातार चलाए गए सर्च ऑपरेशन के आधार पर आरोपी तक पहुंचने में सफलता मिली।
अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि घटना के पीछे वास्तव में घरेलू विवाद और गुस्सा ही वजह था या इसके पीछे कोई अन्य कारण भी मौजूद है। साथ ही इस पहलू की भी जांच की जा रही है कि मंदिर में तोड़फोड़ की घटना को आरोपी ने अकेले अंजाम दिया या इसमें कोई और व्यक्ति शामिल था।
स्थानीय लोगों में रोष
घटना की जानकारी मिलने के बाद नगर परिषद अध्यक्ष सोमकरण शर्मा, उपाध्यक्ष दीप्ति शर्मा और पार्षद नीरज शर्मा भी मंदिर पहुंचे। जनप्रतिनिधियों ने मंदिर परिसर का जायजा लिया और पुजारी व स्थानीय लोगों से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली।
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नगर परिषद प्रतिनिधियों ने घटना पर चिंता जताते हुए पुलिस से मामले की गहन जांच और दोषी के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की मांग की। वहीं स्थानीय श्रद्धालुओं ने धार्मिक स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की मांग उठाई। मंदिर के पुजारी गोपाल शर्मा ने घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि इस तरह की घटना से श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंची है।
पुलिस ने दर्ज की FIR
एसपी देहरा संदीप धवल के अनुसार प्राचीन शनिदेव मंदिर में मूर्तियां खंडित किए जाने के मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने बताया कि आरोपी से पूछताछ जारी है और जांच आगे बढ़ने के बाद घटना से जुड़े अन्य तथ्यों की जानकारी सामने आएगी। एसपी ने लोगों से भी अपील की है कि यदि किसी व्यक्ति की गतिविधियां संदिग्ध नजर आती हैं तो इसकी सूचना तुरंत पुलिस को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
विश्व हिन्दू परिषद ने भी जताया विरोध
धार्मिक स्थल पर हुई तोड़फोड़ की घटना को लेकर विश्व हिंदू परिषद ने भी रोष व्यक्त किया है। विहिप के प्रांत मंदिर एवं अर्चक-पुरोहित प्रमुख कुलदीप राणा ने धार्मिक स्थलों और देवी-देवताओं की मूर्तियों को नुकसान पहुंचाने की घटनाओं पर चिंता जताई।
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विहिप के संगठनात्मक जिला देहरा की ओर से भी पुलिस और प्रशासन से मामले की गंभीरता से जांच करने तथा दोषी के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की गई है।
फिलहाल पुलिस की जांच जारी है और आरोपी से पूछताछ के आधार पर यह स्पष्ट करने का प्रयास किया जा रहा है कि ज्वालामुखी में हुई इस घटना की पूरी वजह क्या थी और क्या इसमें कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल है।
