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October 7, 2026

HRTC कर्मियों ने प्रबंधन को दी सख्त चेतावनी, बोले- नहीं माने तो पूरे प्रदेश में करेंगे चक्का जाम

4 हजार रुपये से लेकर कथित फर्जी बिल तक का मामला

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HRTC Employees news

शिमला। हिमाचल पथ परिवहन निगम यानी HRTC के ड्राइवर और कर्मचारी अपनी लंबित मांगों तथा अधिकारियों के खिलाफ लगाए गए कथित अनियमितताओं के आरोपों पर कार्रवाई न होने से नाराज हैं। यूनियन ने अब आंदोलन को प्रदेशव्यापी रूप देने की चेतावनी दी है। HRTC ड्राइवर एवं कर्मचारी यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष मानसिंह ठाकुर ने शिमला में प्रदर्शन के दौरान कहा कि यदि आज बुधवार शाम तक प्रबंधन की ओर से उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो 8 अक्टूबर से बस सेवाएं चरणबद्ध तरीके से बंद की जाएंगी।

पहले चंबा रीजन, फिर पूरे प्रदेश में बसें रोकने की चेतावनी

यूनियन के मुताबिक आंदोलन की शुरुआत चंबा रीजन से होगी। मानसिंह ठाकुर ने कहा कि 8 अक्टूबर को चंबा क्षेत्र में HRTC बसों का संचालन बंद किया जाएगा। इसके बावजूद यदि प्रबंधन ने मांगों को लेकर कोई निर्णय नहीं लिया, तो 9 अक्टूबर से प्रदेशभर में बस सेवाएं रोकने की चेतावनी दी गई है।

 

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यूनियन का कहना है कि कर्मचारियों की शिकायतों और अधिकारियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों पर लंबे समय से कार्रवाई की मांग की जा रही है, लेकिन अपेक्षित कदम नहीं उठाए गए। इसी वजह से कर्मचारियों ने आंदोलन का रास्ता अपनाने का फैसला किया है।

चंबा स्टेशन ऑफिसर पर लगाए गंभीर आरोप

प्रदर्शन के दौरान यूनियन अध्यक्ष ने चंबा में तैनात एक स्टेशन ऑफिसर को लेकर कई गंभीर आरोप लगाए। उनका दावा है कि संबंधित अधिकारी पर कंडक्टरों से पैसे लेने और वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े मामले में शिकायत की गई थी। मानसिंह ठाकुर के अनुसार, यूनियन ने कथित अनियमितताओं से संबंधित दस्तावेज प्रबंधन को उपलब्ध करवाए थे। शिकायत के बाद मामले की जांच के लिए कमेटी गठित की गई और उसकी रिपोर्ट भी प्रबंधन को सौंपे जाने का दावा किया गया।

 

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हालांकि, यूनियन का आरोप है कि रिपोर्ट सामने आने के बावजूद संबंधित अधिकारी के खिलाफ अभी तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। यूनियन अध्यक्ष ने यह भी दावा किया कि चंबा के डिविजनल मैनेजर ने भी मामले से संबंधित जानकारी लिखित रूप में प्रबंधन को दी है। इसके अलावा उन्होंने संबंधित अधिकारी पर कर्मचारियों को राजनीतिक प्रभाव का हवाला देकर डराने-धमकाने के आरोप भी लगाए।

4 हजार रुपये से लेकर कथित फर्जी बिल तक का मामला

मानसिंह ठाकुर ने आरोप लगाया कि चंबा में तैनात स्टेशन ऑफिसर पर पठानकोट में एक कंडक्टर से 4 हजार रुपये लेने का आरोप है। इसके अलावा 3,525 रुपये के कथित फर्जी बिल से जुड़े भुगतान को लेकर भी पैसे मांगने का आरोप लगाया गया है।

 

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यूनियन अध्यक्ष ने यह भी दावा किया कि कुछ कर्मचारियों से कुल करीब 75 हजार रुपये लिए गए, लेकिन बाद में यह राशि वापस नहीं की गई। हालांकि, इन आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। यूनियन ने प्रबंधन से मांग की है कि शिकायतों और उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

37 लाख रुपये की कथित वित्तीय अनियमितता का मुद्दा

प्रदर्शन के दौरान HRTC कर्मचारी यूनियन ने करीब 37 लाख रुपये की कथित वित्तीय अनियमितता का मुद्दा भी उठाया। मानसिंह ठाकुर ने आरोप लगाया कि संबंधित अधिकारी के खिलाफ पहले भी विजिलेंस स्तर पर जांच हो चुकी है, लेकिन इसके बावजूद कार्रवाई आगे नहीं बढ़ी।

 

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यूनियन का कहना है कि निगम में छोटे मामलों में ड्राइवर और कंडक्टरों पर निलंबन अथवा अन्य विभागीय कार्रवाई कर दी जाती है, जबकि

अधिकारियों पर गंभीर आरोप सामने आने के बाद भी कार्रवाई में देरी होती है। कर्मचारियों ने प्रबंधन से सभी मामलों में समान प्रक्रिया अपनाने की मांग की है। हालांकि, 37 लाख रुपये की कथित अनियमितता और पूर्व विजिलेंस जांच से जुड़े दावों की स्वतंत्र पुष्टि आधिकारिक तौर पर होना अभी बाकी है।

प्रबंधन ने चंबा RM से मांगी रिपोर्ट

वहीं, HRTC प्रबंधन की ओर से मामले को लेकर जवाब मांगे जाने की बात कही गई है। HRTC के डिविजनल मैनेजर देवासेन नेगी के अनुसार, चंबा में सामने आए मामले पर वहां के रीजनल मैनेजर से जवाब मांगा गया है। साथ ही पूरे मामले की रिपोर्ट भी तलब की गई है।

 

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इससे संकेत है कि यूनियन की शिकायतों को लेकर प्रबंधन स्तर पर रिपोर्ट तैयार करने की प्रक्रिया चल रही है। अब देखना होगा कि जांच के बाद प्रबंधन की ओर से क्या कार्रवाई की जाती है और क्या इससे यूनियन के प्रस्तावित आंदोलन को टाला जा सकेगा।

ओवरटाइम भुगतान को लेकर भी कर्मचारियों में नाराजगी

HRTC कर्मचारियों की एक बड़ी मांग लंबित ओवरटाइम भुगतान को लेकर भी है। यूनियन अध्यक्ष मानसिंह ठाकुर ने कहा कि प्रबंधन की ओर से कर्मचारियों को 12 महीने के ओवरटाइम का भुगतान करने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन अभी तक केवल सात महीने का भुगतान हुआ है।

कर्मचारियों का कहना है कि लंबे समय तक अतिरिक्त ड्यूटी करने के बावजूद उसका पूरा भुगतान समय पर नहीं मिलने से उनमें असंतोष बढ़ रहा है। यूनियन ने शेष ओवरटाइम का भुगतान जल्द करने की मांग की है।

 

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48 घंटे के साप्ताहिक रोस्टर पर भी आपत्ति

ड्राइवर और कंडक्टरों के प्रस्तावित ड्यूटी रोस्टर को लेकर भी यूनियन ने आपत्ति जताई है। मानसिंह ठाकुर ने कहा कि कर्मचारी निर्धारित आठ घंटे की दैनिक ड्यूटी करने के लिए तैयार हैं, लेकिन ऐसी व्यवस्था स्वीकार नहीं की जाएगी जिसमें अगले दिन लगातार 12 से 13 घंटे तक काम करना पड़े।

यूनियन ने साप्ताहिक कार्य व्यवस्था को कर्मचारियों की सुरक्षा और काम के घंटों को ध्यान में रखकर तैयार करने की मांग की है। खासतौर पर ड्राइवरों के मामले में लंबे समय तक लगातार ड्यूटी को लेकर कर्मचारियों ने चिंता जताई है।

अब नजर प्रबंधन के अगले कदम पर

HRTC कर्मचारियों के आंदोलन की चेतावनी के बाद निगम प्रबंधन के सामने अब कई मांगों पर जल्द निर्णय लेने की चुनौती है। एक तरफ यूनियन अधिकारियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों पर कार्रवाई, ओवरटाइम भुगतान और ड्यूटी रोस्टर में बदलाव की मांग कर रही है, वहीं प्रबंधन ने चंबा मामले में रिपोर्ट मांगने की बात कही है।

 

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यदि आज बुधवार शाम तक यूनियन को संतोषजनक जवाब नहीं मिलता है, तो उसके घोषित कार्यक्रम के अनुसार 8 अक्टूबर से चंबा रीजन में बस सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं और 9 अक्टूबर से प्रदेशव्यापी आंदोलन का रास्ता अपनाया जा सकता है। इससे आम यात्रियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

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