हमीरपुर। हिमाचल प्रदेश में बच्चियों, युवतियों और महिलाओं के साथ हो रहे यौन उत्पीड़न के मामले बढ़ते जा रहे हैं। ऐसा ही कुछ ताजा मामला जिला हमीरपुर से सामने आया है। जिसने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है।  यहां बाल विवाह और यौन शोषण से जुड़ा मामला उजागर हुआ है। इस घटना ने न सिर्फ स्थानीय लोगों को हैरान किया है, बल्कि बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।

जांच के लिए अस्पताल लाई लड़कियों की स्थिति संदिग्ध

प्राप्त जानकारी के अनुसार, मामला जिला हमीरपुर के नादौन क्षेत्र का है। मामले का खुलासा उस समय हुआ जब दोनों लड़कियों को हाल ही में एक अस्पताल में मेडिकल जांच के लिए लाया गया। जांच के दौरान डॉक्टर को उनकी स्थिति संदिग्ध लगी।

 

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 डॉक्टर ने पुलिस को दी सूचना 

हालात को देखते हुए डॉक्टर ने बिना देर किए तुरंत नादौन पुलिस को इसकी जानकारी दे दी। अस्पताल की इसी सतर्कता के चलते इस गंभीर मामले का पर्दाफाश हो सका। सूचना मिलते ही पुलिस हरकत में आई और मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत केस दर्ज किया गया।

पोक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज

एडिशनल sp  हमीरपुर राजेश उपाध्याय ने बताया कि पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के साथ-साथ पोक्सो एक्ट और बाल विवाह निषेध अधिनियम के तहत FIR दर्ज की है। उन्होंने कहा कि इस संवेदनशील मामले की जांच तेजी से और पूरी गंभीरता के साथ की जा रही है।

 

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चाइल्ड वेलफेयर कमेटी में पेश की नाबालिग

इसके बाद शुक्रवार को नादौन पुलिस ने दोनों नाबालिग पीड़िताओं को जिला चाइल्ड वेलफेयर कमेटी के सामने पेश किया। यहां उनकी सुरक्षा और देखभाल को ध्यान में रखते हुए आगे की प्रक्रिया पूरी की गई। कमेटी के अध्यक्ष मनीष राणा सहित अन्य सदस्यों, वकीलों और विशेषज्ञों की मौजूदगी में बच्चियों की काउंसलिंग की गई, ताकि उन्हें मानसिक सहारा मिल सके।