#अपराध
June 16, 2026
हिमाचल : डाकघर में ग्राहकों के पैसे डकार गया उप-डाकपाल; CBI ने खोली पोल, अब जाएगा जेल
सरकारी राशि का इस्तेमाल निजी लाभ के लिए किया गया
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चंबा। हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में डाक जीवन बीमा PLI और ग्रामीण डाक जीवन बीमा RPLI की प्रीमियम राशि में कथित हेराफेरी के तीन अलग-अलग मामले सामने आए हैं। CBI ने चंबा डाक मंडल में तैनात रहे एक डाक कर्मचारी के खिलाफ सरकारी धन के कथित गबन और भ्रष्टाचार के आरोप में तीन नियमित मामले दर्ज किए हैं।
आरोप है कि कर्मचारी ने विभिन्न उप डाकघरों में तैनाती के दौरान ग्राहकों से प्राप्त लाखों रुपये की राशि का सरकारी खातों में पूरा लेखा-जोखा दर्ज नहीं किया। CBI की FIR के अनुसार, जांच के दायरे में आए राजीव कुमार वर्तमान में चंबा प्रधान डाकघर में पोस्टल असिस्टेंट के पद पर कार्यरत हैं।
तीनों मामलों में अब तक 22 लाख 33 हजार रुपये से अधिक की कथित हेराफेरी सामने आई है। जांच एजेंसी का मानना है कि यह राशि आगे बढ़ भी सकती है। सबसे बड़ा मामला भलेई उप डाकघर से जुड़ा है, जहां राजीव कुमार 21 अप्रैल 2022 से 18 सितंबर 2023 तक सब पोस्टमास्टर के पद पर तैनात रहे।
आरोप है कि उन्होंने ग्राहकों से प्राप्त प्रीमियम और ऋण अदायगी की रकम को मैककैमिश सॉफ्टवेयर में दर्ज किया। मगर सरकारी लेखा प्रणाली SAP और मेघदूत में पूरी राशि जमा नहीं दिखाई। इस मामले में 17 लाख 94 हजार 867 रुपये के गबन का आरोप है। मामले की जांच CBI के डीएसपी वीरेंद्र कुमार को सौंपी गई है।
राजीव कुमार 15 नवंबर 2018 से 20 अप्रैल 2022 तक सुल्तानपुर उप डाकघर में भी तैनात रहे। जांच में मार्च 2019 से सितंबर 2021 के बीच 1 लाख 6 हजार 291 रुपये की कथित हेराफेरी सामने आई है। इस मामले की जांच इंस्पेक्टर गोपाल सिंह को सौंपी गई है।
CBI जांच में सबसे पुराने आरोप सलूणी उप डाकघर से जुड़े हैं। यहां राजीव कुमार 2 अप्रैल 2014 से 6 नवंबर 2018 तक सब पोस्टमास्टर के पद पर कार्यरत रहे। आरोप है कि अगस्त 2018 से नवंबर 2018 के बीच ग्राहकों से प्राप्त बीमा प्रीमियम और ऋण अदायगी की राशि में गड़बड़ी की गई। इस अवधि में 3 लाख 31 हजार 965 रुपये के गबन का आरोप लगाया गया है।
मामले की शुरुआत चंबा मंडल के डाक अधीक्षक राजीव गुरंग की शिकायत के आधार पर हुई। शिकायत जिला पुलिस अधीक्षक चंबा के माध्यम से CBI की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा शिमला को भेजी गई थी। सूत्रों के अनुसार, विभाग ने संबंधित कर्मचारी से पैनल ब्याज सहित कथित गबन की गई राशि की वसूली भी कर ली है।