बिलासपुर। हिमाचल प्रदेश के जिला बिलासपुर में उस समय माहौल गर्मा गया, जब तेज बारिश और ठंडी हवाओं के बावजूद भी लोगों का गुस्सा शांत नहीं हुआ। खराब मौसम को नजरअंदाज करते हुए बड़ी संख्या में ग्रामीण सड़कों पर उतर आए और शराब के ठेके के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। महिलाओं और पुरुषों ने एकजुट होकर ठेके को तुरंत बंद करने या इसे किसी अन्य स्थान पर शिफ्ट करने की मांग को लेकर जमकर नारेबाजी की, जिससे पूरे इलाके में तनावपूर्ण माहौल बन गया।
धार्मिक स्थल के पास ठेके पर विरोध
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मामला जिला बिलासपुर के श्री नयना देवी जी के साथ लगती मंडयाली पंचायत का है। यहां पर बीते कल मंगलवार को मंडयाली पंचायत के लोग समूह बनाकर उस स्थान पर पहुंचे, जहां हाल ही में शराब का ठेका खोला गया है। ग्रामीणों का कहना है कि यह जगह किसी सामान्य स्थान पर नहीं, बल्कि एक प्रमुख धार्मिक स्थल के बिल्कुल पास है।
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भागवत कथा और लंगर से जुड़ा धार्मिक स्थल
यहां हर साल श्रीमद भागवत कथा का आयोजन होता है, जिसमें दूर-दूर से श्रद्धालु शामिल होते हैं। इसके अलावा बड़े स्तर पर लंगर भी लगाया जाता है, जिसमें सैकड़ों लोग प्रसाद ग्रहण करते हैं। खासतौर पर नवरात्रों के दौरान यहां का माहौल पूरी तरह धार्मिक हो जाता है और बाहरी राज्यों से भी श्रद्धालुओं का आना-जाना लगा रहता है।
पहले दूर था ठेका, अब किया यहां शिफ्ट
गांव के पूर्व प्रधान राम कृष्ण ने बताया कि पहले यह शराब का ठेका गांव से दूर स्थित था, जिससे किसी को ज्यादा परेशानी नहीं होती थी। लेकिन अब इसे ऐसे स्थान पर शिफ्ट कर दिया गया है, जो गांव के धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रमों का मुख्य केंद्र है।
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बच्चों पर पड़ सकता है बुरा असर
ग्रामीणों ने यह भी बताया कि ठेके के आसपास ही एक स्कूल और औषधालय (दवाखाना) मौजूद है। ऐसे में यहां शराब का ठेका खुलने से बच्चों और मरीजों पर गलत असर पड़ सकता है। अभिभावकों को अपने बच्चों की सुरक्षा और उनके भविष्य को लेकर चिंता सता रही है, वहीं मरीजों के लिए भी यह माहौल ठीक नहीं माना जा रहा।
असामाजिक गतिविधियों बढ़ने का डर
प्रदर्शन कर रहे लोगों ने आशंका जताई कि शराब का ठेका खुलने से इलाके में असामाजिक तत्वों का जमावड़ा बढ़ सकता है। इससे न सिर्फ गांव का शांत माहौल खराब होगा, बल्कि चोरी-चकारी और अन्य अप्रिय घटनाओं की संभावना भी बढ़ जाएगी। ग्रामीणों का कहना है कि वे अपने क्षेत्र में ऐसा माहौल बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं करेंगे।
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ठेका नहीं हटाया तो और तेज होगा प्रदर्शन
इस विरोध प्रदर्शन में पूर्व प्रधान समेत सभी ने एकजुट होकर प्रशासन के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की और ठेके को हटाने की मांग दोहराई। ग्रामीणों ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने उनकी मांगों पर जल्द कोई कार्रवाई नहीं की, तो वे मजबूर होकर उग्र आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि जल्द ही वे उपायुक्त बिलासपुर से मिलकर इस मामले में ज्ञापन सौंपेंगे और जरूरत पड़ी तो बड़े स्तर पर आंदोलन भी किया जाएगा।
