बिलासपुर। हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर शहर से एक बेहद मार्मिक और दिल को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। लोअर निहाल इलाके में एक 20 वर्षीय युवक ने अपने ही घर में फंदा लगाकर जीवन समाप्त कर लिया। इस दर्दनाक हादसे ने न सिर्फ एक परिवार की खुशियां छीन लीं, बल्कि पूरे इलाके को गहरे सदमे में डाल दिया।
कमरे में मिला बेटे का शव, टूट गए सपने
रविवार सुबह जब घर में रोजमर्रा की गतिविधियां चल रही थीं, किसी को अंदाजा भी नहीं था कि कुछ ही देर में सब कुछ बदल जाएगा। युवक अपने कमरे में गया, लेकिन काफी समय तक बाहर नहीं आया। परिजनों ने जब दरवाजा खोलकर देखा, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। उनका जवान बेटा फंदे से लटका हुआ था। यह दृश्य इतना दर्दनाक था कि घर में चीख-पुकार मच गई और हर आंख नम हो गई।
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अस्पताल पहुंचने से पहले ही थम गई सांसें
परिजनों ने तुरंत युवक को नीचे उतारकर अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। इस खबर के बाद पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा और आसपास के लोग भी शोक में डूब गए।
जिस बेटे के सहारे थे सपने, उसी को देना पड़ा कांधा
परिवार के लिए यह सदमा असहनीय है। पिता] जो अपने बेटे के सहारे बुढ़ापा बिताने के सपने देख रहे थे] आज उसी बेटे की अर्थी को कांधा देने को मजबूर हो गए। मां का रो-रोकर बुरा हाल है, जबकि घर का हर कोना इस अचानक आई त्रासदी की गवाही दे रहा है।
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मानसिक तनाव बना वजह
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक युवक पिछले कुछ समय से मानसिक तनाव से जूझ रहा था। हालांकि परिजन उसकी इस पीड़ा को पूरी तरह समझ नहीं पाए। माना जा रहा है कि इसी दबाव में आकर उसने यह खौफनाक कदम उठाया। यह घटना एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करती है कि मानसिक स्वास्थ्य को नजरअंदाज करना कितना घातक हो सकता है।
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पुलिस कर रही जांच
मामले की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई शुरू की। संदीप धवल ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है और घटना के कारणों की जांच जारी है। यह घटना सिर्फ एक परिवार की नहीं, बल्कि समाज के लिए भी एक चेतावनी है कि मानसिक तनाव से जूझ रहे लोगों को समय रहते सहारा और समझ मिलना कितना जरूरी है।
