शिमला। कुछ शातिर इतने बेखौफ हो गए हैं कि अपना काम निकलवाने के लिए बड़े-बड़े अफसरों के नाम का सहारा लेने से भी नहीं चूकते। ऐसा ही एक मामला हरियाणा से सामने आया है, जहां एक व्यक्ति ने खुद को हिमाचल प्रदेश पुलिस का SP बताकर पुलिस अधिकारी को फोन किया। आरोपी ने अपनी पहुंच का रौब दिखाते हुए ऐसा दबाव बनाया कि पुलिस को भी शक हो गया।

SHO के सरकारी मोबाइल पर आया फर्जी SP का फोन

जानकारी के मुताबिक, DLF सेक्टर-29 थाने के SHO सतेंद्र के सरकारी मोबाइल पर एक कॉल आई थी। कॉल करने वाले व्यक्ति ने खुद को हिमाचल प्रदेश पुलिस का SP चंदन सिंह बताया। उसने SHO से कहा कि MG रोड स्थित मेगा मॉल में उसकी पत्नी का शोरूम है, जिसकी बिजली काट दी गई है। आरोपी ने पुलिस से तुरंत मामले में दखल देने और शोरूम की बिजली चालू करवाने को कहा।

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कॉल करने वाला व्यक्ति इस तरह बात कर रहा था, जैसे वह किसी बड़े पुलिस अधिकारी के पद पर तैनात हो। उसने SHO पर तुरंत कार्रवाई करने का दबाव बनाया और मामले को गंभीर बताते हुए बिजली चालू करवाने की मांग की।

बात नहीं बनी तो DGP का नाम लेकर बनाने लगा दबाव

जब SHO ने आरोपी से मामले की पूरी जानकारी लेने की कोशिश की तो वह पुलिस अधिकारी पर और ज्यादा दबाव बनाने लगा। आरोपी ने अपनी बात मनवाने के लिए DGP स्तर के अधिकारियों का नाम लिया। उसका मकसद था कि पुलिस उसकी पहचान और बातों पर भरोसा कर ले और बिना किसी जांच-पड़ताल के मॉल प्रबंधन पर दबाव बनाकर बिजली चालू करवा दे।

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हालांकि, SHO को यह बात कुछ अजीब लगी। उन्हें शक हुआ कि अगर फोन करने वाला वास्तव में किसी राज्य का SP है तो वह स्थानीय पुलिस को इस तरह किसी निजी शोरूम की बिजली चालू करवाने के लिए सीधे फोन क्यों कर रहा है।

SHO को हुआ शक, तुरंत पुलिस टीम को भेजा मॉल

SHO ने आरोपी की बातों पर तुरंत भरोसा करने के बजाय मामले की सच्चाई पता करने का फैसला किया। उन्होंने पुलिस की एक टीम को मेगा मॉल भेजकर पूरे मामले की जांच कराई। टीम ने मॉल प्रबंधन और शोरूम से जुड़े लोगों से बातचीत की।

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जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि मामला वैसा बिल्कुल नहीं था, जैसा फोन करने वाला व्यक्ति बता रहा था। मॉल में बिजली काटे जाने का मामला एक विवाद से जुड़ा था और इसे लेकर कोई ऐसी स्थिति नहीं थी, जिसमें पुलिस के किसी वरिष्ठ अधिकारी को इस तरह हस्तक्षेप करना पड़े।

जांच में सामने आया असली चेहरा 

पुलिस की जांच आगे बढ़ी तो पता चला कि फोन करने वाला व्यक्ति हिमाचल प्रदेश पुलिस का कोई SP नहीं, बल्कि दिल्ली का रहने वाला एक आम व्यक्ति है। आरोपी की पहचान नेब सराय निवासी 51 वर्षीय करण कुमार सकूजा के रूप में हुई।

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पुलिस के मुताबिक, करण कुमार सकूजा की पत्नी का मेगा मॉल में एक बुटीक है। किसी विवाद के चलते मॉल प्रबंधन ने बुटीक की बिजली काट दी थी। इसके बाद आरोपी ने बिजली दोबारा चालू करवाने के लिए एक अलग ही योजना बना डाली।

पत्नी के शोरूम की बिजली चालू कराने के लिए खुद को बताया SP 

आरोप है कि करण कुमार ने SHO पर प्रभाव डालने के लिए खुद को हिमाचल प्रदेश पुलिस का SP बताया। उसने अपना नाम चंदन सिंह बताया और पुलिस अधिकारी से शोरूम की बिजली तुरंत चालू करवाने को कहा।

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जब उसे लगा कि केवल SP बताने से बात नहीं बन रही है तो उसने DGP स्तर के अधिकारियों का नाम लेकर भी SHO पर दबाव बनाने की कोशिश की। आरोपी को उम्मीद थी कि पुलिस उसकी बात को सच मान लेगी और मॉल प्रबंधन से बिजली चालू करवा देगी। लेकिन SHO के शक के कारण उसकी पूरी योजना नाकाम हो गई।

फर्जी अधिकारी बनकर पुलिस को गुमराह करने का केस दर्ज

मामला सामने आने के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया। उसके खिलाफ सरकारी अधिकारी की फर्जी पहचान बताने, पुलिस को गुमराह करने और धोखाधड़ी समेत विभिन्न धाराओं में कार्रवाई की गई है।

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पुलिस ने आरोपी करण कुमार सकूजा को गिरफ्तार कर लिया है। फिलहाल उससे पूछताछ की जा रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि उसने यह सब केवल अपनी पत्नी के शोरूम की बिजली चालू करवाने के लिए किया था या इसके पीछे कोई और वजह भी थी।