#अपराध
August 25, 2026
हिमाचल: सड़क हा*दसे ने खोली बड़ी तस्करी की पोल, ट्रक की तलाशी लेते पुलिस के उड़े होश; नंबर भी फर्जी
तेज रफ्तार ट्रक ने कार को मारी थी टक्कर, पुलिस जांच में हुई कई तरह के खुलासे
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बिलासपुर। हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले में सड़क पर हुआ एक हादसा उस वक्त सनसनीखेज मामले में बदल गया, जब दुर्घटनाग्रस्त ट्रक की तलाशी के दौरान पुलिस के सामने गौवंश तस्करी से जुड़ा बड़ा खुलासा हुआ। शिमला-मटौर राष्ट्रीय राजमार्ग-103 पर दधोल स्कूल के पास तेज रफ्तार ट्रक ने एक कार को जोरदार टक्कर मार दी। हादसे के बाद जब पुलिस मौके पर पहुंची और ट्रक की जांच शुरू की तो अंदर का नजारा देखकर पुलिस भी दंग रह गई।
जांच के दौरान ट्रक पर लगी नंबर प्लेट भी संदिग्ध निकली। पुलिस को ट्रक से फर्जी नंबर प्लेट मिली, जबकि उसकी असली नंबर प्लेट कैबिन के अंदर छिपाकर रखी गई थी। हादसे के तुरंत बाद ट्रक में सवार दो लोग मौके से फरार हो गए, जिसके बाद पुलिस ने उनकी तलाश शुरू कर दी है।
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मंगलवार शाम दधोल स्कूल के पास सामान्य सड़क हादसे की सूचना पुलिस को मिली थी। बताया गया कि घुमारवीं से डंगार की ओर जा रहे कार चालक राज कुमार की कार को हमीरपुर की तरफ से आ रहे तेज रफ्तार ट्रक ने टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और राज कुमार को गंभीर चोटें आईं। हादसे के बाद ट्रक में सवार दोनों व्यक्ति मौके से भाग निकले। शुरुआत में मामला सिर्फ सड़क दुर्घटना का नजर आ रहा था, लेकिन पुलिस की जांच शुरू होते ही कहानी ने ऐसा मोड़ लिया, जिसने पूरे मामले को सनसनीखेज बना दिया।
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भराड़ी पुलिस जब ट्रक की तलाशी लेने लगी तो उसके अंदर 9 गौवंश बेहद अमानवीय और क्रूर तरीके से ठूंसे हुए मिले। पुलिस के अनुसार इन्हें बेहद खराब और क्रूर परिस्थितियों में ट्रक के भीतर रखा गया था। हादसे की जांच कर रही पुलिस के सामने अब सवाल था कि इतने गौवंश को कहां से लाया जा रहा था और इन्हें कहां ले जाया जा रहा था। इसी बीच ट्रक की नंबर प्लेट की जांच की गई तो एक और चौंकाने वाला तथ्य सामने आया।
पुलिस को ट्रक पर लगी नंबर प्लेट फर्जी मिली। जांच के दौरान ट्रक के कैबिन के अंदर से उसकी असली नंबर प्लेट बरामद की गई। फर्जी नंबर प्लेट लगाकर वाहन चलाने और उसमें गौवंश को कथित तौर पर तस्करी के लिए ले जाने की घटना ने पुलिस के सामने मामले को और गंभीर बना दिया है। हादसे के बाद दोनों संदिग्धों का मौके से फरार होना भी जांच का अहम हिस्सा बन गया है।
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टक्कर के बाद ट्रक में सवार दोनों व्यक्ति मौके से फरार हो गए। पुलिस ने उनकी पहचान और ठिकाने का पता लगाने के लिए जांच तेज कर दी है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि ट्रक में लदे गौवंश कहां से लाए गए थे, इन्हें कहां ले जाया जा रहा था और इस पूरे मामले में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।
घटना की सूचना मिलने के बाद समाजसेवी एवं गौरक्षक सुनील भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने ट्रक में गौवंश को जिस स्थिति में रखा गया था, उस पर चिंता जताई और मामले की गहराई से जांच की मांग की। उन्होंने आशंका जताई कि इतनी बड़ी संख्या में गौवंश को सामान्य तौर पर सड़क से पकड़कर ट्रक में लाना संभव नहीं लगता। उन्होंने प्रशासन से ऐसे संभावित स्थानों और गौसदनों की भी जांच करने की मांग की, जहां से इन पशुओं को लाए जाने की आशंका हो सकती है।
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घटना के बाद पुलिस ने ट्रक को अपने कब्जे में ले लिया है। वहीं, बरामद किए गए गौवंश को सुरक्षित स्थान पर भेजने की व्यवस्था की गई है। अब पुलिस की जांच का केंद्र ट्रक में सवार होकर फरार हुए दोनों संदिग्धों के साथ-साथ फर्जी नंबर प्लेट और गौवंश के स्रोत पर है। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि यह सिर्फ एक वाहन में की जा रही अवैध गतिविधि थी या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क काम कर रहा है।
जांच आगे बढ़ने के साथ ही इस पूरे मामले में और भी चौंकाने वाले खुलासे होने की संभावना है। फिलहाल भराड़ी पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और फरार आरोपियों की तलाश की जा रही है। एक सड़क हादसे से शुरू हुई जांच अब कथित गौवंश तस्करी, फर्जी नंबर प्लेट और फरार आरोपियों तक पहुंच गई है।