मंडी। हिमाचल प्रदेश में समय.समय पर ठग नए.नए तरीके अपनाकर भोले.भाले लोगों को जाल में फंसाते रहे हैं। कभी अधिक ब्याज का लालच, तो कभी कम समय में मोटी कमाई का सपना दिखाकर लोगों की मेहनत की कमाई पर हाथ साफ कर लिया जाता है। ऐसा ही एक बड़ा मामला अब मंडी जिले से सामने आया है, जहां एक निजी कंपनी पर करोड़ों रुपये की ठगी का आरोप लगा है। आरोप है कि शातिरों ने तीन जिलों के लोगों को झांसे में लेकर उनके साथ करोड़ों की धोखाधड़ी की है।

निवेश योजना के नाम पर जाल

सार वेव्स नाम से संचालित इस कंपनी ने सुंदरनगर के भोजपुर क्षेत्र में अपना कार्यालय खोला था। बताया जा रहा है कि कंपनी का मुख्य कार्यालय पंजाब के मोहाली में था। स्थानीय स्तर पर प्रतिनिधियों ने लोगों को किताबों की स्कैनिंग और छपाई से जुड़ी परियोजना का झांसा दिया। कहा गया कि जो भी व्यक्ति इस योजना में निवेश करेगा, उसे हर माह आकर्षक लाभ मिलेगा। परियोजना में शामिल होने के लिए प्रत्येक व्यक्ति से भारी अग्रिम सुरक्षा राशि जमा करवाई गई। कई युवाओं और कारोबारियों ने बैंक से कर्ज लेकर या रिश्तेदारों से उधार लेकर ढाई लाख से लेकर पचास लाख रुपये तक निवेश कर दिए।

 

यह भी पढ़ें : हिमाचल में गजब के चोर: दो घरों को बनाया निशाना, कीमती सामान के साथ सोफा-बेड- रजाईयां भी नहीं छोड़ीं

शुरुआती भुगतान से बढ़ाया भरोसा

पीड़ितों का आरोप है कि शुरुआत में एक-दो माह तक कुछ निवेशकों को छोटी-छोटी रकम देकर भरोसा कायम किया गया। जैसे-जैसे लोगों का विश्वास बढ़ता गया, निवेश की राशि भी बढ़ती गई। जब लाखों-करोड़ों रुपये जमा हो गए तो एक दिन अचानक कंपनी के स्थानीय कार्यालय पर ताला लटक गया और संचालक फरार हो गए।

 

यह भी पढ़ें : जयराम सरकार ने जनता के पैसे से खड़े किए थे "महल", केंद्र ने लोगों की प्यास बुझाने को भेजा था पैसा

तीन जिलों के लोग प्रभावित

मंडी, कुल्लू और कांगड़ा जिलों के कई पीड़ितों ने एकजुट होकर सुंदरनगर थाने में सामूहिक शिकायत दर्ज करवाई है। उनका अनुमान है कि कंपनी ने इन जिलों से करीब पचास करोड़ रुपये से अधिक की राशि एकत्रित की और गायब हो गई।

 

यह भी पढ़ें : अनुराग का तंज: अपने वित्तीय कुप्रबंधन को छिपाने के लिए RDG का मुद्दा उठा रही सुक्खू सरकार

दस्तावेजों के दुरुपयोग का डर

निवेश के दौरान कंपनी ने लोगों से पैन कार्ड, आधार कार्ड और अन्य जरूरी दस्तावेज भी लिए थे। अब पीड़ितों को आशंका है कि इन दस्तावेजों का दुरुपयोग किया जा सकता है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि कंपनी के बैंक खातों को तुरंत सील कर जांच तेज की जाए, ताकि धनराशि की वसूली संभव हो सके।

जांच शुरू, अन्य राज्यों में भी मामले

सुंदरनगर के पुलिस उपाधीक्षक Bharat Bhushan ने बताया कि शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी गई है। कंपनी के बताए गए पते, बैंक खातों और संचालकों की जानकारी जुटाई जा रही है। सूत्रों के अनुसार इस कंपनी के खिलाफ पंजाब और मध्य प्रदेश में भी धोखाधड़ी के प्रकरण दर्ज हैं।

नोट : ऐसी ही तेज़, सटीक और ज़मीनी खबरों से जुड़े रहने के लिए इस लिंक पर क्लिक कर हमारे फेसबुक पेज को फॉलो करें