बिलासपुर। हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिला से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक तरफ तो मंच से नशामुक्त समाज की दुहाई दी जा रही थी, वहीं दूसरी तरफ सरकारी आयोजन के बीच ही कुछ कर्मचारी जाम छलकाते नजर आए। गांधी जयंती के पावन अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में दिनभर सरकारी प्रदर्शनी लगाई गई और लोगों को योजनाओं का पाठ पढ़ाया गया, लेकिन जैसे ही शाम ढली, उसी परिसर में बैठकर कर्मचारियों ने खुलेआम शराब के जाम छलकाए।

 

हैरानी और अफसोस की बात इस बात की है कि जब गांधी जयंती पर पूरे राज्य में 'ड्राई डे' घोषित था और शराब की दुकानें पूर्णतः बंद थीं, तब इस सरकारी कार्यक्रम के भीतर शराब कहां से आई?

मंच से महज 50 मीटर की दूरी पर मयखाना

यह शर्मनाक वाकया घुमारवीं में आयोजित जिला स्तरीय 'सीर उत्सव' का है। शुक्रवार देर शाम उत्सव स्थल पर जहां विभिन्न सरकारी विभागों की विकासात्मक प्रदर्शनियां लगी हुई थीं, वहीं कुछ कर्मचारियों ने उस जगह को अपना मयखाना बना डाला। हद तो तब हो गई जब यह सब सांस्कृतिक मंच से महज 50 मीटर की दूरी पर होता रहा। मंच पर रंगारंग प्रस्तुतियां चल रही थीं, अधिकारी व प्रशासनिक अमला मौके पर मौजूद था, और ठीक पास में ही कानून व अनुशासन की धज्जियां उड़ाई जा रही थीं।

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गांधी जयंती और ड्राई डे के बीच शराब कहां से आई?

इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल शराब के सेवन से भी आगे निकलकर शराब के आयोजन स्थल तक पहुंचने को लेकर खड़ा हो गया है। गांधी जयंती के कारण शराब की बिक्री बंद रहने के बावजूद यदि सरकारी कार्यक्रम परिसर के भीतर शराब पहुंची, तो इसकी सप्लाई का रास्ता क्या था? क्या शराब बाहर से लाई गई थी? क्या किसी ने पहले से इसका इंतजाम किया था? या आयोजन स्थल के आसपास किसी अन्य माध्यम से शराब उपलब्ध हुई? इन सवालों का जवाब अभी सामने नहीं आया है। अब जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि शराब वहां तक कैसे पहुंची और इस मामले में कौन-कौन लोग शामिल थे।

 

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जिस मंच से नशामुक्ति का संदेश, उसके पास ही शराब का सेवन

मामले ने इसलिए भी लोगों का ध्यान खींचा है क्योंकि सरकारी कार्यक्रमों में अक्सर नशे से दूर रहने और नशामुक्त समाज का संदेश दिया जाता है। ऐसे में उसी सरकारी आयोजन स्थल पर शराब के सेवन की तस्वीरें सामने आने से व्यवस्था पर सवाल उठना स्वाभाविक है।

 

लोगों का कहना है कि सरकारी कर्मचारी यदि सार्वजनिक आयोजन के दौरान इस तरह शराब का सेवन करते नजर आते हैं तो इससे आम जनता के बीच क्या संदेश जाएगा। खासकर गांधी जयंती जैसे अवसर पर, जब महात्मा गांधी के विचारों और नशामुक्त समाज की बात प्रमुखता से की जाती है, ऐसी घटना चर्चा का विषय बन गई है।

 

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अब जांच से खुलेगा पूरा राज

मामला सामने आने के बाद प्रशासन ने इसे गंभीरता से लेते हुए जांच की बात कही है। एसडीएम घुमारवीं अभिषेक बरवाल ने कहा कि मामले की जांच की जाएगी। यदि ऐसा कोई मामला पाया जाता है तो नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

 

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अब निगाहें प्रशासन की जांच पर टिकी हैं। जांच में यह स्पष्ट होना बाकी है कि उत्सव स्थल पर शराब किस माध्यम से पहुंची, शराब का सेवन करने वाले लोग कौन थे और क्या आयोजन स्थल की निगरानी में किसी स्तर पर लापरवाही हुई। गांधी जयंती पर ड्राई डे के बीच सरकारी आयोजन स्थल पर कथित तौर पर छलकते जाम ने कई सवाल जरूर खड़े कर दिए हैं। अब इन सवालों का जवाब प्रशासनिक जांच के बाद ही सामने आएगा।

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