कांगड़ा। अग्निवीर भर्ती के नाम पर युवाओं को झांसा देकर पैसे ऐंठने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। हिमाचल प्रदेश के जिला कांगड़ा स्थित धर्मशाला में चल रही अग्निवीर भर्ती रैली के दौरान संदिग्ध गतिविधियों में पकड़े गए दो आरोपियों को पटियाला पुलिस अपने साथ ले गई है।

अग्निवीर भर्ती के नाम पर ठगी

दोनों आरोपियों के खिलाफ पटियाला के सिविल लाइन्स थाने में पहले से मामला दर्ज है। अब पटियाला पुलिस उन्हें अदालत में पेश कर रिमांड पर लेने की तैयारी में है, ताकि गिरोह से जुड़े अन्य लोगों और पूरे नेटवर्क का पता लगाया जा सके।

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पुलिस की पहले से ही थी नजर

धर्मशाला में सेना की भर्ती प्रक्रिया के दौरान आर्मी इंटेलिजेंस से मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने दोनों संदिग्धों पर नजर रखी थी। बताया जा रहा है कि आरोपी भर्ती स्थल के आसपास अभ्यर्थियों से संपर्क कर रहे थे और उन्हें विजिटिंग कार्ड बांटकर अपने जाल में फंसाने की कोशिश कर रहे थे। पुलिस ने समय रहते दोनों को पकड़ लिया और पूछताछ के बाद पटियाला पुलिस को सौंप दिया।

भर्ती में फेल युवाओं को बनाते थे निशाना

जांच में सामने आया है कि गिरोह की नजर खासतौर पर उन युवाओं पर रहती थी, जो भर्ती प्रक्रिया के दौरान किसी चरण में बाहर हो जाते थे। फिजिकल टेस्ट में असफल होने या मेडिकल जांच में अनफिट घोषित किए गए अभ्यर्थियों को आरोपी दोबारा भर्ती में पास करवाने का भरोसा दिलाते थे।

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मांगते थे मोटी रकम

आरोपी युवाओं को अपनी कथित ऊंची पहुंच का हवाला देते थे और दावा करते थे कि सेना में उनकी पहचान के जरिए मेडिकल या भर्ती प्रक्रिया में मदद करवाई जा सकती है। इसी झांसे में आकर कई युवा मोटी रकम देने के लिए तैयार हो जाते थे। पुलिस को आशंका है कि इस तरीके से गिरोह ने कई अभ्यर्थियों को अपना शिकार बनाया हो सकता है।

पटियाला में पहले ही दर्ज है ठगी का मामला

इस मामले में पटियाला के थाना सिविल लाइन्स में एफआईआर नंबर 0196 दर्ज की गई है। पुलिस ने BNS की धारा 318(4) और 61(2) के तहत केस दर्ज किया है। मामले में करनाल निवासी संजीव कुमार और विशाल कुमार समेत कुछ अन्य अज्ञात लोगों का भी जिक्र किया गया है।

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जांच के दौरान सामने आया है कि गिरोह के सदस्य हरियाणा नंबर की हुंडई क्रेटा समेत अन्य वाहनों का इस्तेमाल करते थे। इन्हीं वाहनों से भर्ती स्थलों के आसपास पहुंचकर युवाओं से संपर्क किया जाता था।

आरोपियों की पहचान

धर्मशाला से पकड़े गए दोनों आरोपियों की पहचान हरियाणा के करनाल जिले के रूप में हुई है। इनमें-

  • रमन (27) पुत्र बलवान सिंह गांव पिछोलिया, जुंडला
  • शुभम (30) पुत्र रमेश गांव अपराणा, डाकघर मूनक

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पटियाला में अग्निवीर भर्ती के दौरान पुलिस की चेकिंग में इस गिरोह की गतिविधियों का खुलासा हुआ था। इसके बाद मामले की जांच आगे बढ़ाई गई और गिरोह के सदस्यों की गतिविधियों पर नजर रखी गई।

रिमांड में खुलेगा ठगी के नेटवर्क का राज

अब पटियाला पुलिस दोनों आरोपियों को अदालत में पेश कर रिमांड लेने की तैयारी कर रही है। पुलिस पूछताछ में यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि गिरोह में कितने लोग शामिल हैं, अब तक कितने अभ्यर्थियों से संपर्क किया गया और ठगी के जरिए कितनी रकम वसूली गई।

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नेटवर्क खंगाल रही पुलिस

इसके अलावा पुलिस यह भी जांच करेगी कि भर्ती केंद्रों के आसपास सक्रिय इस गिरोह को अभ्यर्थियों की जानकारी कैसे मिलती थी और क्या इस नेटवर्क में किसी अन्य व्यक्ति की भी भूमिका है। धर्मशाला में हुई कार्रवाई के बाद पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ के जरिए अग्निवीर भर्ती के नाम पर चल रहे इस ठगी के पूरे नेटवर्क तक पहुंच बनाई जा सकेगी।

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