कुल्लू। हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले के मणिकर्ण में खालिस्तानी समर्थक झंडे हटाने को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। इस मामले में होटल व्यवसायी अमन सूद के खिलाफ सुक्खू सरकार की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया है। यह केस मणिकर्ण थाने में दर्ज किया गया है और सोमवार को अमन सूद को कुल्लू के एसडीएम कोर्ट में पेश किया गया, जहां उन्हें कुछ दिशा-निर्देश दिए गए।
क्या है पूरा मामला?
पिछले हफ्ते मणिकर्ण घाटी में पंजाब से आए कुछ बाइकर्स अपने वाहनों पर खालिस्तानी समर्थक झंडे लगाए हुए थे। जब होटल संचालक अमन सूद ने इसे देखा, तो उन्होंने झंडों को उतारने की कोशिश की और इस पर आपत्ति जताई।
यह भी पढ़ें : सुक्खू सरकार की मजबूरी: केंद्र ने नहीं दिया पैसा तो अपनी योजनाओं का भी बजट घटाया
उनका कहना था कि यह झंडे सांप्रदायिक तनाव को भड़का सकते हैं और हिमाचल प्रदेश की शांति के लिए खतरा हैं। इस घटना के बाद प्रशासन ने अमन सूद पर धार्मिक और सांप्रदायिक भावना भड़काने के आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ मामला दर्ज कर लिया। पुलिस ने इस संबंध में जरी थाने में मामला दर्ज किया था, जबकि एसडीएम कोर्ट ने उन्हें नोटिस भी जारी किया था।
एसडीएम कोर्ट में पेश हुए अमन सूद
बीते कल यानी सोमवार को अमन सूद अपने वकील गौरव सूद के साथ एसडीएम कोर्ट, कुल्लू में पेश हुए। इस दौरान उन्होंने अपना जवाब दाखिल किया और अपने बचाव में जरूरी दस्तावेज एसडीएम विकास शुक्ला को सौंपे। कोर्ट में सुनवाई करीब 15 मिनट तक चली, जिसमें अमन सूद और उनके वकील ने अपनी दलीलें पेश कीं।
यह भी पढ़ें : हिम्मत तो देखो! हिमाचल में चिट्टा बेच रहे थे पंजाबी युवक, रात को खेप संग पुलिस ने धरे
मामले को लेकर बढ़ा विवाद
इस घटना के बाद राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर बहस छिड़ गई है। कुछ लोग अमन सूद के समर्थन में सामने आए हैं और इसे हिमाचल प्रदेश की शांति और सुरक्षा से जुड़ा मुद्दा बता रहे हैं, जबकि कुछ इसे कानून-व्यवस्था का मामला मान रहे हैं।
प्रशासन का रुख
हिमाचल प्रदेश सरकार ने इस मामले को गंभीरता से लिया है और किसी भी तरह के सांप्रदायिक तनाव को रोकने के लिए सख्त कदम उठाने के संकेत दिए हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है और आगे की कार्रवाई कोर्ट के निर्देशों के आधार पर की जाएगी।
इस मामले में आगे यह होगा
- अमन सूद को एसडीएम कोर्ट के दिशा-निर्देशों का पालन करना होगा।
- पुलिस इस मामले में आगे की जांच करेगी और कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।
यह भी पढ़ें : तीसरे साल में तीसरी बार: बिजली की दरें बढ़ाने जा रही है सुक्खू सरकार- जानें कितना रेट बढ़ेगा
- हिमाचल सरकार इस तरह के मामलों पर सख्त रुख अपनाने के संकेत दे चुकी है।
बहरहाल, अब इस पूरे मामले पर जनता की नजर बनी हुई है और आगे की सुनवाई के बाद यह साफ होगा कि इस विवाद का क्या निष्कर्ष निकलता है।
