#विविध
March 25, 2025
तीसरे साल में तीसरी बार: बिजली की दरें बढ़ाने जा रही है सुक्खू सरकार- जानें कितना रेट बढ़ेगा
इसी सप्ताह घोषित हो सकती है नई बिजली दरें
शेयर करें:

शिमला। हिमाचल में महंगाई का बम फूटने वाला है। लंबे समय से बिजली दरों की बढ़ोतरी की खबरों के मार्केट में घूमने के बाद अब बिजली बोर्ड इस ओर अपने कदम बढ़ा चुका है। राज्य विद्युत नियामक आयोग (HERC) इस सप्ताह नई दरों की घोषणा कर सकता है, जिससे प्रदेशभर के उपभोक्ताओं को राहत या चिंता मिल सकती है। बता दें कि सुक्खू सरकार के राज में तीसरी बार बिजली की दरें बढ़ने जा रही है।
राज्य बिजली बोर्ड ने बिजली की दरों में वृद्धि का प्रस्ताव दिया है, जबकि उद्योगपतियों ने दरों में वृद्धि रोकने की मांग की थी। उनका मानना है कि बढ़ती दरें उद्योगों के लिए अतिरिक्त आर्थिक बोझ बन सकती हैं, जिससे उनका व्यवसाय प्रभावित हो सकता है।
बताते चलें कि इस समय प्रदेश में राज्य विद्युत बोर्ड ने आयोग के सामने याचिका दायर की थी जिसमें बोर्ड के वार्षिक खर्च को पूरा करने के लिए बिजली दरों में 50 से 70 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि का प्रस्ताव रखा गया था। बिजली बोर्ड की योजना के अनुसार, जितना खर्च तय होता है, उसे पूरा करने के लिए दरों में बदलाव किया जाता है। राज्य विद्युत नियामक आयोग इस पर सभी पक्षों की सुनवाई के बाद अपनी अंतिम घोषणा करेगा।
प्रदेश में हर साल 31 मार्च को बिजली की नई दरें घोषित की जाती हैं। हालांकि, इस बार 30 और 31 मार्च को अवकाश होने के कारण, उम्मीद की जा रही है कि नई दरें सप्ताह के अंत तक घोषित की जा सकती हैं। राज्य में बिजली सब्सिडी पर भी सरकार और आयोग के बीच चर्चा चल रही है, खासकर क्लास वन और टू अधिकारियों को मिलने वाली बिजली सब्सिडी को लेकर चिंतन हो रहा है।
अप्रैल 2023: सरकार ने बिजली दरों में संशोधन की घोषणा की थी, जिसके तहत कुछ श्रेणियों में सब्सिडी कम की गई और टैरिफ में बदलाव किया गया। यह कदम वित्तीय स्थिति को सुधारने के लिए उठाया गया था।
अक्टूबर 2024: हिमाचल प्रदेश सरकार ने बिजली बिलों में "मिल्क सेस" और "पर्यावरण सेस" लागू करने का निर्णय लिया, जिसके कारण बिजली की प्रभावी दरों में वृद्धि हुई। साथ ही, बड़े औद्योगिक उपभोक्ताओं के लिए 1 रुपये प्रति यूनिट की अतिरिक्त सब्सिडी वापस ली गई, जिससे उनके बिल बढ़ गए। हालांकि, कुछ श्रेणियों में इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी घटाई गई थी, लेकिन कुल मिलाकर यह बढ़ोतरी ही मानी गई।
अप्रैल 2025: अब सरकार तीसरी बार बिजली की दरों को बढ़ाने जा रही है। हालांकि बिजली दर को बढ़ाने का प्रस्ताव लंबे समय से चल रहा था, जिसके बाद उद्योगपत्तियों ने भी इसपर आपत्ति जताई थी।
सुक्खू सरकार ने अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए बिजली की सब्सिडी को खत्म करने के आदेश जारी किए हैं, लेकिन इस फैसले पर विद्युत नियामक आयोग की ओर से स्पष्ट निर्देश नहीं मिलने के कारण यह मामला अब भी अधर में लटका हुआ है। 16,000 से ज्यादा राज्य सरकार के कर्मचारियों को भी इस बार बिजली की नई दरों का इंतजार है।