सोलन। हिमाचल प्रदेश में स्मार्ट मीटर लगाए जाने के बाद बढ़ते बिजली बिलों को लेकर लोगों की परेशानियां लगातार सामने आ रही हैं। प्रदेश के कई जिलों से उपभोक्ताओं द्वारा अचानक कई गुना बढ़े बिजली बिल मिलने की शिकायतें मिल रही हैं। जिसके चलते अब लोग स्मार्ट मीटर लगाने का विरोध भी कर रहे हैं। इस सब के बीच हिमाचल के सोलन जिला में आयोजित सरकार आपके द्वार कार्यक्रम में भी कुछ इसी तरह का एक मामला सामने आया, जिसने बिजली व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए।
फरियादी की स्वास्थ्य मंत्री से लगाई गुहार
दरअसलए सोलन जिले के जौणाजी क्षेत्र में प्रदेश सरकार के सरकार गांव के द्वार कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। इसकी अध्यक्षत स्वास्थ्य मंत्री कर्नल धनी राम शांडिल कर रहे थे। इस कार्यक्र में एक बुजुर्ग व्यक्ति ने मंच के सामने पहुंचकर अपने बिजली बिल की समस्या उठाई और सरकार से राहत की मांग की।
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बिजल विभाग ने थमा दिया 12 हजार बिल
फरियादी ने बताया कि वर्षों से उसका मासिक बिजली बिल 250 से 300 रुपये के बीच आता था, लेकिन अब उसे अचानक 12 हजार रुपये का बिजली बिल थमा दिया गया। आर्थिक रूप से कमजोर होने के कारण वह इतनी बड़ी राशि जमा नहीं कर पाया, जिसके चलते बिजली विभाग ने उसका कनेक्शन भी काट दिया।
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मैं दिया जलाकर ही रह लूंगा
पीड़ित ने भावुक स्वर में कहा कि उसने कई बार बिजली बोर्ड के कार्यालय के चक्कर लगाए, लेकिन उसकी सुनवाई नहीं हुई। उसने कहा कि यदि इतनी महंगी बिजली ही देनी है तो वह अंधेरे में रहना ज्यादा बेहतर समझेगा। उसने यहां तक कह दिया कि मंत्री जी मैं दिया जलाकर ही रह लूंगा, जिसके लिए मैंने दिये खरीद भी लिए हैं और जरूरत पड़ी तो पुराने समय की तरह बिना बिजली के ही जीवन गुजार लेगा।
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बिल की मांगी जांच
उसने मंत्री से गुहार लगाते हुए कहा कि वह अकेला व्यक्ति है और सीमित आय में जीवन यापन कर रहा है। ऐसे में हजारों रुपये का बिजली बिल उसके लिए असंभव है। फरियादी ने मांग की कि या तो बिल की जांच कर सही किया जाए या फिर विभाग अपना मीटर और बिजली पोल वापस ले जाए। कार्यक्रम के दौरान मौजूद मंत्री ने मामले को गंभीरता से लेते हुए बिजली विभाग के अधिकारियों को तुरंत जांच करने और उचित समाधान निकालने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने भी उपभोक्ता की शिकायत की जांच का आश्वासन दिया।
बता दें कि ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष रूप से बुजुर्ग और आर्थिक रूप से कमजोर परिवार बढ़े हुए बिलों से परेशान नजर आ रहे हैं। लोगों का कहना है कि स्मार्ट मीटर पारदर्शिता के लिए लगाए गए थे, लेकिन कई जगह यह व्यवस्था उपभोक्ताओं के लिए परेशानी का कारण बनती दिखाई दे रही है।
