मंडी। हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के सराज क्षेत्र के पांडवशिला में भारी बरसात के चलते एक माह पहले पुल टूट जाने से ग्रामीणों की मुश्किलें थमने का नाम नहीं ले रही हैं। पुल के क्षतिग्रस्त होने से पांडवशिला के साथ-साथ धार जरोल पंचायत के रुशाड़ गांव का बाहरी दुनिया से संपर्क पूरी तरह समाप्त हो गया है।
स्कूली बच्चों की पढ़ाई और रोजमर्रा की जिंदगी पर असर
शनिवार को ग्रामीणों ने इस समस्या को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। उनका कहना है कि पुल टूटने से बच्चों का स्कूल जाना मुश्किल हो गया है और रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करना भी चुनौती बन गया है।
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सरकार और प्रशासन के खिलाफ गुस्सा बढ़ा
ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द से जल्द पुल को बहाल करने की मांग की है। उनका आरोप है कि हादसे के एक महीने बाद भी कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। उल्लेखनीय है कि 30 जून और 1 जुलाई को सराज में बादल फटने से भारी तबाही हुई थी, जिसमें कई लोगों की मौत और कई के लापता होने की घटनाएं सामने आई थीं।
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पहले भी जता चुके विरोध
बता दें कि रुशाड़ गांव के लोग पहले भी सरकारी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा चुके है। मशीनरी आने पर भी यहां महिलाओं ने विरोध किया था और कांग्रेस के नेता पर सवाल उठाए थे । वहीं एक बार फिर यहां की जनता ने सरकार के प्रति अपना रोष जाहिर किया है।
