नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी में स्थित हिमाचल सदन में आधी रात पहुंचे पुलिसकर्मियों को स्थानीय लोगों और मौजूद महिलाओं के तीखे विरोध का सामना करना पड़ा। आरोप है कि दिल्ली पुलिस की टीम बिना वारंट परिसर में दाखिल हुई और एक कमरे तक जाने की कोशिश की, जिससे मौके पर जमकर बहस और हंगामा हुआ। मामला बढ़ता देख पुलिस टीम को वापस लौटना पड़ा।
आधी रात की कार्रवाई पर उठे सवाल
बताया जा रहा है कि घटना रात करीब 12 बजे की है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार पुलिसकर्मी सीधे कमरे की ओर बढ़े। मौजूद लोगों ने समय को लेकर आपत्ति जताई और पूछा कि इतनी रात गए कार्रवाई किस आधार पर की जा रही है। जब वारंट दिखाने को कहा गया तो कथित तौर पर कोई दस्तावेज पेश नहीं किया गया।
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महिलाओं ने रोका रास्ता
मौके पर मौजूद एक अधिवक्ता महिला ने पुलिस टीम को कमरे में प्रवेश करने से रोका और कहा कि वह उसका कमरा है। उसने यह भी सवाल उठाया कि यदि तलाशी लेनी है तो महिला पुलिसकर्मी कहां हैं। इसी बीच वहां मौजूद अन्य लोगों ने भी वारंट और प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए।
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कैमरे में कैद हुई पूरी घटना
पूरा घटनाक्रम मोबाइल कैमरों में रिकॉर्ड हो गया। वीडियो में बहस और पुलिस की मौजूदगी स्पष्ट दिखाई दे रही है। विरोध बढ़ने पर पुलिस टीम कथित तौर पर बिना कार्रवाई किए लौट गई।
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कांग्रेस नेता की खोज में आई थी पुलिस
घटना के बाद कानूनी प्रक्रिया और अधिकारों को लेकर बहस छिड़ गई है। वहीं, न्यूज 4 हिमालयन के सूत्रों का दावा है कि हिमाचल सदन में किसी कांग्रेस नेता की खोज में पुलिस पहुंची थी। देर रात हुई इस छापेमारी के दौरान पुलिस के पास ना तो वॉरेंट थे और ना ही महिला पुलिस साथ थी। हांलाकि इस मामले में कोई आधिकारिक बयान या पुष्टि नहीं हुई है।
