शिमला। हिमाचल प्रदेश यूनिवर्सिटी इसे रिसोर्स मोबिलाइजशन कह रही है, लेकिन यह HPU की कंगाली है कि अब वह स्टूडेंट्स और आवेदकों से ऑनलाइन फॉर्म भरने और आवेदन करने का भी चार्ज वसूलेगी। इसके अलावा और भी कई तरीकों से युवाओं की जेब काटने की तैयारी है।

आत्मनिर्भरता के लिए स्टूडेंट्स की जेब कटेगी

एचपीयू के कार्यकारी वीसी प्रोफेसर एसपी बंसल का कहना है कि यूनिवर्सिटी सरकारी मदद पर निर्भर रहने के बजाय अपने पैरों पर खड़ा होना चाहती है। उन्होंने कहा कि जल्दी ही HPU स्टूडेंट्स से सीधे फीस लेने की जगह ऑनलाइन फीस ली जाएगी, जिसके लिए अलग से चार्ज वसूला जाएगा। इसके अलावा विभिन्न सुविधाओं के लिए ली जा रही मौजूदा फीस में भी अलग से इजाफा किया जाएगा। प्रोफेसर बंसल ने कहा कि यूनवर्सिटी जल्दी ही अपनी बसें भी खरीदेगा।

 

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अभी तक 4.49 करोड़ का हिसाब नहीं मिला

HPU ने 274 से अधिक गैर शिक्षक कर्मचारियों की अलग-अलग श्रेणी के पदों पर भर्ती के लिए पांच साल पहले विज्ञापन जारी किया था। इसके लिए प्रति अभ्यर्थी 200 से 600 रुपये तक की फीस तय की गई। इस तरह HPU ने करीब 4.49 करोड़ की राशि बटोरी। इन पदों के लिए 52,915 बेरोजगारों ने आवेदन किया था।  लेकिन केवल चतुर्थ श्रेणी को छोड़कर बाकी के पदों के लिए अभी तक न तो परीक्षाएं हुईं और न ही भर्ती। अभी तक यूनिवर्सिटी ने इस पैसे का कोई हिसाब नहीं दिया है। बीते 5 साल से यह पैसा बैंकों में लाखों का ब्याज यूनिवर्सिटी को दे गया है।

 

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IT में एमटेक और बीएड होगा चार साल का कोर्स

HPU ने यूआईटी में अब बीटेक के साथ-साथ एमटेक कोर्स शुरू करने का ऐलान किया है। इसके अलावा पीएचडी में भी एनरोलमेंट होगी। बीएड को जल्द चार साल के कोर्स के तौर पर शुरू किया जा रहा है।

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