बिलासपुर। लगातार घाटे का बोझ आम आदमी की जेब से वसूल रही HRTC के पास नुकसान से उबरने का कोई रोडमैप ही नहीं है। इसकी मिसाल है HRTC का बिलासपुर डिपो। 169 रुटों पर बस चला रहे इस डिपो ने बीते महीने 4 करोड़ रुपए खर्च कर ढाई करोड़ रुपए कमाए हैं। इतने नुकसान के बाद भी HRTC के डिपो प्रबंधन का कहना है कि घाटे से उबरने के लिए उन्हें ऊपर से जो भी आदेश मिलेगा, उसकी के अनुसार एक्शन लेंगे।
यह भी पढ़ें : हिमाचल: निपुण जिंदल को HRTC का एडिश्नल चार्ज, बड़े प्रशासनिक फेरबदल की तैयारी में सुक्खू सरकार
HRTC के बिलासपुर डिपो की बसें अधिकांश रूट घाटे में चल रही हैं। जनवरी महीने में निगम की बसें 6 लाख 95 हजार किलोमीटर चलीं। इस लिहाज से जनवरी महीने में प्रतिदिन बिलासपुर डिपो की बसें करीब 23,000 किलोमीटर विभिन्न रूटों पर चलीं। इससे निगम को प्रति किलोमीटर 38.68 रुपए की कमाई हुई, जबकि प्रति किलोमीटर 52 रुपए खर्च हुए। जनवरी महीने में वेतन, भत्तों और तेल तथा कलपुर्जों पर करीब 4 करोड़ 24 लाख रुपए खर्च हुए। इस लिहाज से निगम को बिलासपुर में 1 करोड़ 55 लाख 24 हजार रुपए का नुकसान हुआ है।
यह भी पढ़ें : हिमाचल कांग्रेस संगठन को जल्द मिलेगा नया चेहरा, रजनी पाटिल बोलीं- पैरालाइज्ड नहीं पार्टी
हर महीने डेढ़ करोड़ का घाटा
बिलासपुर डिपो को इस समय करीब डेढ़ करोड़ रुपए महीने का घाटा हो रहा है। इतना ही नहीं इस डिपो के लंबे रूट भी घाटे में हैं। जानकारी के अनुसार बिलासपुर डिपो में वर्तमान समय 121 बसें हैं, जबकि 169 रूट हैं। जिसमें 21 लांग रूट हैं और 148 लोकल रूट हैं। जनवरी में HRTC बिलासपुर का खर्चा 4 करोड़ 27 लाख रुपए हुआ है जबकि इस महीने में 2 करोड़ 68 लाख 86 हजार रुपए की कमाई की है।
यह भी पढ़ें : बिगड़े मौसम के बीच बुरी खबर: टूट गया ग्लेशियर, 57 मजदूर दबे
घाटे का गणित सबको पता है
उधर, HRTC के बिलासपुर डिपो प्रबंधन का कहना है कि घाटे के गणित के बारे में निगम के आला अफसरों को भी पता है, लेकिन जब तक घाटे से उबरने को लेकर ऊपर से आदेश नहीं आते, तब तक वे कुछ कर नहीं सकते। सरकार व निगम प्रबंधन HRTC को घाटे से उबारने का प्रयास कर रहा है। निगम प्रबंधन लोगों को बेहतर सेवाएं प्रदान करने का प्रयास कर रहा है।
