बिलासपुर। कुछ बनने का सपना हर कोई देखता है। मगर जो सपने देखने के साथ-साथ उसे पूरा करने के लिए कोशिशें करते हैं वे कामयाब हो जाते हैं। ऐसा ही कुछ कर दिखाया है हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिला के बेटे सुघोष शर्मा ने। सुघोष ने अपनी मेहनत और लग्न से अपने सपनों को पंख लगा दिए हैं।
फ्लाइंग ऑफिसर बने सुघोष
सुघोष शर्मा बिलासपुर की ग्राम पंचायक दधोल से संबंध रखते हैं। सुघोष शर्मा ने भारतीय वायु सेना में फ्लाइंग ऑफिसर बन गए हैं। उनकी इस सफलता से ना सिर्फ उनके परिवार में बल्कि पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है। यह भी पढ़ें: हिमाचल : यहां आंगनबाड़ी केंद्रों में निकली भर्ती, जानें कब तक कर सकते हैं ओवदन आपको बता दें कि शुक्रवार को बेंगलुरु में आयोजित पासिंग परेड में 103 एरोनॉटिकल इंजीनियर कोर्स के 53 फ्लाइंग ऑफिसर्ज पास आऊट हुए। इनमें दधोल के सुघोष शर्मा भी शामिल थे। सुघोष ने बेंगलुरु में 15 महीने का अपना प्रशिक्षण पूरा कर लिया है। सुघोष ने प्रारंभिक शिक्षा नवलोक आदर्श विद्यालय खनसरा-मैहरी काथला और लॉर्ड कॉन्वेंट स्कूल सरकाघाट से की है। जबकि, 12वीं तक की पढ़ाई मिनर्वा स्कूल घुमारवीं और जवाहर नवोदय विद्यालय कोठीपुरा से पूरी की है।देशभर में हासिल किया था 5वां स्थान
साल 2023 में सुघोष ने AFCAT की ऑर्डर ऑफ मेरिट लिस्ट में देशभर में 5वां स्थान हासिल किया था। उस वक्त सुघोष भारतीय वायुसेना की टेक्नीकल ब्रांच में फ्लाइंग ऑफिसर चयनित हुए थे। यह भी पढ़ें: मां-बाप को अकेला छोड़ गया 27 वर्षीय युवक, HRTC बस से टकराई थी बाइककड़ी मेहनत से पाया मुकाम
सुघोष के पिता डॉ. एलआर शर्मा डिग्री कालेज से प्रधानाचार्य हैं। सुघोष की मां स्वास्थ्य विभाग से सुपरवाइजर के पद से सेवानिवृत्त हुई हैं। बेटे की सफलता पर परिवार को गर्व है। उनका कहना है कि सुघोष ने इस उपलब्धि से यह साबित कर दिया है कि अगर सपनों को पाने के लिए मजबूत इरादे से कड़ी मेहनत की जाए तो हर मंजिल को हासिल किया जा सकता है।सुघोष ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, गुरुजनों और परिजनों को दिया है। सुघोष का कहना है कड़ी मेहनत के दम पर किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।
