बिलासपुुर। हिमाचल प्रदेश की छह होनहार बेटियों ने अपनी मेहनत, हौसले और खेल प्रतिभा के दम पर सीमा सुरक्षा बल (BSF) में जगह बना ली है। इन बेटियों ने न केवल राज्य का नाम देश-विदेश में रोशन किया, बल्कि अब वे देश की सीमाओं की रक्षा में भी अपनी भूमिका निभाएंगी।

 

मोरसिंघी हैंडबाल अकादमी से निकलीं चार बेटियां


बिलासपुर जिले की मोरसिंघी हैंडबाल अकादमी से अंजलि, पायल, कनिका कुमारी और खुशी का चयन बीएसएफ में हुआ है। ये चारों खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हैंडबाल में हिमाचल और भारत का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं। अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी और कोच स्नेहलता ने इनकी सफलता को अकादमी की प्रशिक्षण पद्धति, अनुशासन और मेहनती माहौल का नतीजा बताया।

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सिरमौर के गिरिपार क्षेत्र से दो बेटियों की बीएसएफ में एंट्री


सिरमौर जिले के पभार गांव की अंजलि ठाकुर और पायल ठाकुर का चयन खेल कोटे के तहत कांस्टेबल रैंक के लिए हुआ है। दोनों साधारण परिवारों से आती हैं। इनकी शुरुआती खेल यात्रा 2013 से 2016 तक शिक्षक धर्मेंद्र चौधरी के मार्गदर्शन में शुरू हुई थी। बाद में मोरसिंघी हैंडबाल नर्सरी में इन्हें बेहतर प्रशिक्षण मिला, जिससे इनका खेल निखरा।

 

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कोच, माता-पिता और जिले का नाम किया रोशन


इन बेटियों की सफलता पर न सिर्फ उनके माता-पिता, बल्कि कोच और पूरा हिमाचल गौरवान्वित है। कोच स्नेहलता ने अन्य खिलाड़ियों को भी प्रेरणा लेने और इसी तरह मेहनत करते रहने की सलाह दी है। यह खबर राज्य के उन ग्रामीण क्षेत्रों के लिए भी उम्मीद की किरण है, जहां संसाधनों की कमी के बावजूद प्रतिभा किसी से कम नहीं है।

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