शिमला। कहते हैं कि मेहनत की राहों पर चलने वालों के कदम कभी नहीं रुकते, जो सपनों को सच कर दिखाए, वही असली मुकद्दर के हकदार होते हैं। ऐसा ही कुछ कर दिखाया है हिमाचल प्रदेश के जिला शिमला की रहने वाली महक जसवाल ने। उनका चयन (IBPS) इंस्टिट्यूट ऑफ बैंकिंग पर्सनल सिलेक्शन में हुआ है। महक की इस उपलब्धि को शिमला की युवा लड़कियों के लिए प्रेरणा और सफलता की मिसाल माना जा रहा है।
महक जसवाल बनी बैंक PO
प्राप्त जानकारी के अनुसार, राजधानी शिमला के उपनगर खलिनी की निवासी महक जसवाल ने अखिल भारतीय स्तर की IBPS परीक्षा में सफलता हासिल कर अपने परिवार और शहर का नाम रोशन किया है। बैंक PO (प्रोबेशनरी ऑफिसर) बनने के बाद उन्हें परिवार, मित्रों और शुभचिंतकों की ओर से बधाइयों की बौछार मिल रही है।
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पहले से नौकरी कर रही हैं महक
महक वर्तमान में हिमाचल प्रदेश राज्य नागरिक आपूर्ति निगम (HP State Civil Supply Corporation Limited), शिमला में कार्यरत हैं। नौकरी के साथ-साथ उन्होंने बैंकिंग सेवा में चयन के लिए लगातार मेहनत और तैयारी की। इस मेहनत का नतीजा IBPS परीक्षा में सफलता के रूप में सामने आया।
शिमला की महक ने शिक्षा में दिखाया कमाल
महक की शिक्षा की यात्रा भी सराहनीय रही है। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा कॉन्वेंट ऑफ जीसस एंड मैरी स्कूल, शिमला से पूरी की और बारहवीं DAV पब्लिक स्कूल, न्यू शिमला से उत्तीर्ण की। बारहवीं बोर्ड परीक्षा में उन्होंने शिमला शहर में दूसरा स्थान हासिल किया। इसके बाद महक ने अपनी उच्च शिक्षा दिल्ली विश्वविद्यालय और पंजाब विश्वविद्यालय से पूरी की।
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शिक्षक से बैंकिंग प्रोफेशनल तक
शिक्षा क्षेत्र में महक का अनुभव भी उल्लेखनीय है। उन्होंने लगभग चार वर्षों तक DAV कॉलेज, चंडीगढ़ में अतिथि संकाय के रूप में पढ़ाया। पढ़ाने के साथ-साथ उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी जारी रखी और अंततः आईबीपीएस परीक्षा में सफलता प्राप्त की।
सकारात्मक सोच से मिली सफलता
महक एक पढ़े-लिखे और प्रेरणादायक परिवार से आती हैं। उनके पिता के.के. जसवाल यूको बैंक से सेवानिवृत्त हैं, और माता उषा जसवाल हिमाचल प्रदेश फॉरेस्ट कॉरपोरेशन से रिटायर हैं। परिवार का मानना है कि अनुशासन, मेहनत और सकारात्मक सोच ने महक को इस मुकाम तक पहुंचाया
