शिमला। हिमाचल प्रदेश प्रशासनिक सेवा परीक्षा का परिणाम घोषित हो गया है। इस परीक्षा में कई बेटियों ने बाजी मारी है। इस कड़ी में हिमाचल की राजधानी शिमला की एक बेटी ने इस परीक्षा में दूसरा स्थान हासिल किया है।

सेकंड टॉपर बनी आंचल कुमारी

शिमला जिला के दूरदराज और पहाड़ी क्षेत्र चौपाल के घूंठाड़ी गांव की आंचल कुमारी ने HPAS परीक्षा 2025 में दूसरा स्थान हासिल कर न सिर्फ अपने परिवार बल्कि पूरे हिमाचल प्रदेश का नाम रोशन किया है। महज 26 वर्ष की उम्र में आंचल ने यह बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए DSP जैसे प्रतिष्ठित पद तक पहुंच बनाई है।

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एक साल में दूसरी सफलता

आंचल की सफलता को इसलिए भी बेहद खास माना जा रहा है क्योंकि इसी वर्ष 2025 में उन्होंने हिमाचल प्रदेश की अलाइड सर्विसेज परीक्षा भी उत्तीर्ण की थी और आबकारी निरीक्षक (Excise Inspector) के पद पर चयनित हुई थीं।

ट्रेनिंग के साथ-साथ परीक्षा की तैयारी

वर्तमान में वे परवाणू में अपनी ट्रेनिंग ले रही थीं। ट्रेनिंग अभी पूरी भी नहीं हुई थी कि उन्होंने हिमाचल प्रशासनिक सेवा परीक्षा में शानदार प्रदर्शन करते हुए दूसरा स्थान प्राप्त कर लिया। नौकरी की ट्रेनिंग और प्रशासनिक परीक्षा की कठिन तैयारी को एक साथ संतुलित करना आसान नहीं होता, लेकिन आंचल ने यह साबित कर दिया कि मजबूत इरादों के आगे कोई बाधा टिक नहीं सकती।

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सरकारी स्कूल से की पढ़ाई

आंचल की शैक्षणिक यात्रा भी संघर्ष और आत्मनिर्भरता की मिसाल है। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा गांव के सरकारी स्कूल से ही प्राप्त की। सीमित संसाधनों के बावजूद पढ़ाई में कभी समझौता नहीं किया। इसके बाद उन्होंने डॉ. वाई.एस. परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी से BSC फॉरेस्ट्री की पढ़ाई पूरी की। सीमित सुविधाओं के बीच आंचल ने घर पर रहकर पढ़ाई करने को ही अपनी सबसे बड़ी ताकत बनाया।

साधारण किसान है आंचल के पिता

परिवार की बात करें तो आंचल एक बेहद सादे और मेहनती परिवार से ताल्लुक रखती हैं। उनके पिता रण सिंह एक साधारण किसान हैं, जबकि माता पुष्पा देवी गृहिणी हैं। वहीं, उनके भाई राजस्व विभाग में पटवारी के पद पर कार्यरत हैं। परिवार ने कभी दबाव नहीं डाला, बल्कि हर कदम पर आंचल को आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया।

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असफलता को नहीं बनने दिया रुकावट

आंचल ने अपनी सफलता की कहानी में असफलताओं को भी पूरी ईमानदारी से स्वीकार किया है। उन्होंने बताया कि पहले प्रयास में वे हिमाचल प्रशासनिक सेवा की मुख्य परीक्षा तक नहीं पहुंच पाई थीं। हालांकि यह असफलता उनके लिए रुकावट नहीं बनी, बल्कि सीख का माध्यम बनी।

नहीं छोड़ा पढ़ाई करना

अलाइड सर्विसेज में चयन के बाद भी उन्होंने पढ़ाई नहीं छोड़ी। जुलाई 2025 से एक्साइज इंस्पेक्टर की ट्रेनिंग शुरू हो चुकी थी, लेकिन इसके बावजूद वे रोजाना समय निकालकर अध्ययन करती रहीं। सितंबर 2025 में हुई HPAS की मुख्य परीक्षा में उन्होंने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए दूसरा स्थान हासिल कर लिया और ट्रेनिंग पूरी होने से पहले ही DSP बनने का गौरव प्राप्त किया।

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बताया सफलता का मूल मंत्र...

अपनी सफलता के मूल मंत्र पर बात करते हुए आंचल कहती हैं कि निरंतर मेहनत, धैर्य और कभी हार न मानने की सोच ही उनकी सबसे बड़ी ताकत रही है। आंचल का मानना है कि सोशल मीडिया से पूरी तरह दूरी बनाना जरूरी नहीं है, बल्कि इसका सीमित और समझदारी से उपयोग किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि पढ़ाई के समय उनका पूरा फोकस केवल अध्ययन पर रहता था और बाकी समय में ही सोशल मीडिया का इस्तेमाल करती थीं।

पूरे इलाके में जश्न का माहौल

बेटी की इस ऐतिहासिक सफलता से घूंठाड़ी गांव ही नहीं, बल्कि पूरे चौपाल क्षेत्र में जश्न का माहौल है। लोगों का कहना है कि आंचल ने यह साबित कर दिया है कि प्रतिभा संसाधनों की मोहताज नहीं होती, बल्कि मजबूत इच्छाशक्ति और मेहनत से हर सपना साकार किया जा सकता है।

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CM सुक्खू ने दी बधाई

आंचल की इस सफलता पर CM सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने बधाई दी है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा-

 

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