चंबा। हिमाचल प्रदेश के चम्बा जिले की चुराह तहसील के युवा दिनेश कुमार ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर क्षेत्र और प्रदेश का नाम रोशन किया है। दिनेश का चयन इंडो-जर्मन साइंस एंड टेक्नोलॉजी सेंटर द्वारा प्रदान की जाने वाली प्रतिष्ठित फैलोशिप के लिए हुआ है।
हिमाचल का बेटा जर्मनी में करेगा शोध
वे जर्मनी के प्रसिद्ध अनुसंधान संस्थान फ्रॉनहोफर आई.के.टी.एस. में कोलेस्ट्रॉल सैंसर के फैब्रिकेशन पर शोध करेंगे। दिनेश इस समय CSIR-CSIO, चंडीगढ़ में phd. कर रहे हैं। विज्ञान एवं तकनीकी शोध के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बना चुके हैं। उनके इस चयन को न केवल चंबा जिला, बल्कि पूरे हिमाचल के लिए एक बड़े गर्व की बात है।
यह भी पढ़ें : सावधान! हिमाचल में मानसून से पहले तबाही : नाले में गाड़ियां बही, ऑरेंट अलर्ट पर 10 जिले
छोटे से गांव में है घर
दिनेश कुमार मूल रूप से चुराह तहसील के शिरी गांव से संबंध रखते हैं। उनका जीवन संघर्ष से शुरू होकर सफलता की एक प्रेरणादायक कहानी है। एक समय था जब वे 10वीं कक्षा में विज्ञान और गणित जैसे विषयों में अनुत्तीर्ण हो गए थे। मगर उन्होंने हार नहीं मानी और इन्हीं विषयों में आगे चलकर इतनी गहरी पकड़ बनाई कि आज वे उन्हीं पर शोध कर रहे हैं।
इससे पहले, दिनेश का चयन ताइवान की चांग गुंग यूनिवर्सिटी में कैमिकल एंड मटेरियल इंजीनियरिंग विभाग के लिए हुआ था। लेकिन अंतरराष्ट्रीय शोध के बेहतर अवसर को देखते हुए उन्होंने अब जर्मनी में अनुसंधान करने का निर्णय लिया है।
यह भी पढ़ें : हिमाचल : चरस की डील करने निकले थे दो यार- पुलिस को देखकर एक हुआ नौ दो ग्यारह- दूसरा अरेस्ट
उनकी इस उपलब्धि से चुराह जैसे दूरस्थ क्षेत्र के युवाओं को नई प्रेरणा मिली है। दिनेश ने यह साबित कर दिया कि अगर मेहनत और लगन हो, तो संसाधनों की कमी भी सफलता की राह नहीं रोक सकती। उनके जज्बे और समर्पण ने क्षेत्र के युवाओं के लिए विज्ञान और अनुसंधान के क्षेत्र में एक नई दिशा दिखाई है।
